
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। तकनीकी शिक्षा संचालनालय (डीटीई) द्वारा बीटेक, बीबीए, बीसीए, बीफार्मा और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया का पहला चरण अंतिम दौर में है। विद्यार्थियों के लिए अपनी पसंद के कॉलेज का विकल्प लॉक करने का रविवार (29 जून) अंतिम दिन है। इसके बाद 30 जून को पहली वरीयता सूची जारी की जाएगी। हालांकि पंजीयन और च्वाइस फिलिंग की कम संख्या ने कॉलेज प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है।
बीटेक में पंजीयन के मुकाबले कम छात्रों ने भरे विकल्प
डीटीई के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार तक बीटेक प्रथम वर्ष में 38,305 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया। इनमें से केवल 21,777 अभ्यर्थियों ने ही अपनी पसंद के कॉलेजों का विकल्प भरा है। वहीं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की रुचि अपेक्षाकृत अधिक दिखाई दे रही है। डीटीई के अनुसार पंजीयन और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 30 जून को कॉमन मेरिट सूची जारी की जाएगी। प्रथम चरण का सीट आवंटन तीन जुलाई को होगा, जबकि आवंटित संस्थानों में रिपोर्टिंग, दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश की प्रक्रिया सात जुलाई तक पूरी की जाएगी।
बीबीए-बीसीए में भी धीमी रही च्वाइस फिलिंग
बीबीए के 227 कॉलेजों में अब तक 10,428 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है, जबकि केवल 5,860 विद्यार्थियों ने च्वाइस फिलिंग की है। इसी तरह बीसीए के 157 कॉलेजों में 5,442 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया और 4,238 ने कॉलेजों का विकल्प भरा है। वहीं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 18,366 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया, 17,471 का दस्तावेज सत्यापन हुआ और 14,427 अभ्यर्थियों ने च्वाइस फिलिंग पूरी की है।
राष्ट्रीय संस्थानों की प्रक्रिया का कर रहे इंतजार
विशेषज्ञ अजीत पटेल के अनुसार कई विद्यार्थी आईआईटी, एनआईटी और अन्य राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया के अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में फिलहाल च्वाइस फिलिंग की रफ्तार धीमी बनी हुई है। इसके अलावा कुछ निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस निर्धारण प्रक्रिया भी अभी पूरी नहीं हुई है, जिससे विद्यार्थी और अभिभावक अंतिम निर्णय लेने से पहले फीस संरचना स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।
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