• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • ए आई बूटकैंप
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

मप्र की नगरीय निकायों में 756 एल्डरमैनों की नियुक्ति अधिसूचित, भोपाल-इंदौर की सूची अटकी

नगरीय निकायों में नियुक्त 756 एल्डरमैनों (मनोनीत पार्षद) की अधिसूचना तीन माह बाद जारी कर दी है।

By Digital DeskEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Tue, 07 Jul 2026 09:27:51 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jul 2026 09:27:51 PM (IST)
मप्र की नगरीय निकायों में 756 एल्डरमैनों की नियुक्ति अधिसूचित, भोपाल-इंदौर की सूची अटकी
मप्र की नगरीय निकायों में 756 एल्डरमैनों की नियुक्ति अधिसूचित

HighLights

  1. मध्य प्रदेश में 756 एल्डरमैनों की नियुक्ति की अधिसूचना तीन माह बाद जारी
  2. भोपाल और इंदौर की सूची अब भी लंबित, राजनीतिक सहमति का इंतजार
  3. नवनियुक्त एल्डरमैनों का पुलिस सत्यापन होगा, मतदान का अधिकार नहीं रहेगा

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश की नगरीय निकायों में नियुक्त 756 एल्डरमैनों (मनोनीत पार्षद) की अधिसूचना तीन माह बाद जारी कर दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 46 नगर पालिकाओं में 276 और 120 नगर परिषदों में 480 एल्डरमैनों की नियुक्ति को अधिसूचित किया है।

हालांकि भोपाल और इंदौर के नगरीय निकायों की सूची अभी जारी नहीं हुई है। बताया गया है कि दोनों शहरों में अलग-अलग राजनीतिक कारणों से नामों पर सहमति नहीं बन सकी है।

कार्योत्तर अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

वर्ष 2027 में नगरीय निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में नवनियुक्त एल्डरमैनों को कार्य करने के लिए डेढ़ वर्ष से भी कम समय मिलेगा। नियुक्ति के बाद अब सभी एल्डरमैनों का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद कार्योत्तर अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


कार्यकाल संबंधित परिषद के कार्यकाल तक रहता है

प्रदेश के नगरीय निकायों में प्रशासनिक और नगर पालिका अधिनियम की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों को एल्डरमैन नियुक्त करने का प्रावधान है। एल्डरमैन परिषद की बैठकों और चर्चाओं में भाग ले सकते हैं, लेकिन उन्हें मतदान का अधिकार नहीं होता। आमतौर पर राजनीतिक दलों द्वारा सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम संगठन की ओर से प्रस्तावित किए जाते हैं। इनका कार्यकाल संबंधित परिषद के कार्यकाल तक रहता है।

यह भी पढ़ें- एम्स भोपाल में सर्जिकल आन्कोलाजी सेमिनार श्रृंखला शुरू, कैंसर के सटीक इलाज में गेम चेंजर बन रही एआई और सूक्ष्म सर्जरी