
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। संत हिरदाराम नगर स्थित हलालपुर स्थित पटाखा मार्केट को लेकर जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर द्वारा सभी 15 पटाखा दुकानों और पांच गोदामों की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) निरस्त किए जाने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि निर्धारित अवधि में दुकानों और गोदामों को घनी आबादी वाले क्षेत्र से अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया तो उन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में एसडीएम न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान कारोबारियों ने अपना पक्ष रखते हुए नोटिस निरस्त करने की मांग की, लेकिन प्रशासन सुरक्षा मानकों पर किसी प्रकार की ढील देने के मूड में नहीं है।
जानकारी के अनुसार पटाखा कारोबारियों ने एसडीएम रवीश श्रीवास्तव के न्यायालय में प्रस्तुत जवाब में कहा है कि उनके विरुद्ध एक ही आधार "लोक न्यूसेंस" को लेकर वर्ष 2024, 12 जून 2026 और वर्तमान में तीन अलग-अलग प्रकार की कार्रवाई की जा रही है, जो विधिसम्मत नहीं है। कारोबारियों ने यह भी दलील दी कि इस मामले में माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर का स्थगन आदेश प्रभावी है, इसलिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कार्रवाई उचित नहीं है।
कारोबारियों ने प्रशासन के उस तर्क पर भी सवाल उठाया है, जिसमें पटाखा बाजार के समीप पेट्रोल पंप होने का उल्लेख किया गया है। उनका कहना है कि पटाखा मार्केट वर्ष 1997 में यहां स्थापित हुई थी, जबकि संबंधित पेट्रोल पंप का आवंटन वर्ष 2023-24 में हुआ। उस समय प्रशासन ने स्वयं दूरी का परीक्षण कर एनओसी जारी की थी। ऐसे में अब उसी आधार पर आपत्ति उठाना उचित नहीं है।
यातायात और भीड़भाड़ के मुद्दे पर भी कारोबारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि भोपाल-इंदौर हाईवे पर डिवाइडर, सर्विस रोड और खुला क्षेत्र होने के बाद पटाखा मार्केट स्थित है। वर्ष 1997 से अब तक स्थानीय पुलिस, प्रशासन या किसी अन्य विभाग के पास भीड़भाड़ अथवा लोक न्यूसेंस की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई।
यह भी पढ़ें- प्रमोशन से 1.5 लाख कर्मचारियों में उत्साह, पर कुछ विभागों की सुस्ती से नाराज सरकार, अब सीएम कार्यालय से होगी निगरानी
राजस्व अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्षों में लालघाटी व हलालपुर इलाके में तेजी से कालोनियां, मैरिज गार्डन, होटल, अस्पताल सहित अन्य बसाहट हुई है। अब पटाखा दुकानें घनी आबादी, पेट्रोल पंप तथा अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों के बीच आ गई हैं। सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी कारण एनओसी निरस्त की गई है। यदि निर्धारित समय सीमा में दुकानें और गोदाम स्थानांतरित नहीं किए गए तो नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।