
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कोहेफिजा थाना पुलिस ने साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का मास्टरमाइंड राजस्थान के बाड़मेर में बैठकर देशभर में ठगी को अंजाम देता था, जबकि ठगी की रकम भोपाल में खोले गए म्यूल बैंक खातों में मंगवाई जाती थी। बाद में एजेंट को भोपाल भेजकर खाताधारकों से नकदी जुटाई जाती थी।
हमीदिया अस्पताल की एक एमबीबीएस डॉक्टर से हुई 97,250 रुपये की साइबर ठगी की जांच में यह नेटवर्क उजागर हुआ। पुलिस ने महेश और विकास को गिरफ्तार किया, जो भोपाल के एक होटल में ठहरे थे।
पुलिस के अनुसार, 22 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा रितु कुमारी ने जून 2026 में ऑनलाइन गेम खेलते समय एक लिंक पर क्लिक किया, जिससे उनके खाते से 84,937 रुपये और उनके मित्र के खाते से 12,313 रुपये निकल गए। डॉक्टर ने इसकी शिकायत कोहेफिजा थाने में दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि ठगी की रकम बंधन बैंक के एक खाते में पहुंची, इसके बाद भोपाल के एटीएम से दो बार 10-10 हजार रुपये निकाले गए।
बैंक ट्रांजैक्शन, CCTV फुटेज और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर पुलिस ने होटल में दबिश देकर आरोपित महेश और विकास को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना भोपाल निवासी करतार के माध्यम से कई लोगों के बैंक खाते किराये पर ले रखे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े सभी खाताधारकों और मुख्य सरगना की तलाश कर रही है।
पीड़ित डॉक्टर ने जून में ही ठगी की शिकायत कर दी थी लेकिन पुलिस करीब डेढ़ महीने तक तकनीकी जांच के नाम पर शिकायत को ठंडे बस्ते में डाले रखा। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।