
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल- वाराणसी। चौक पुलिस, एसओजी व लंका पुलिस से तीन अगस्त की देर रात लंका क्षेत्र में बजबजा प्लांट के पास हुई मुठभेड़ में गोली लगने से घायल दोनों लुटेरे इरानी गैंग के निकले।
गिरफ्तार लुटेरों में भोपाल के रायसेन हाल, ईरानी बस्ती, अमन कालोनी, करोंद थाना निशादपुरा (हाल पता इदबारा पोस्ट कोतवाली पिपारिया हुशांगाबाद) निवासी मोहम्मद अली उर्फ शाबिर हसन (11 मुकदमे) व पिपरिया थाना पंचमढी रोड जिला नर्मदा पुरम के माशाअल्लाह (02 मकदमे) ने बताया कि वारदात में गिरोह के सात सदस्य शामिल थे।
गिरफ्तार बदमाशों से 17 जुलाई को लूटी गई 27 किलो चांदी में से चार किलो चांदी, 15020 रुपये, दो असलहा, चार जिंदा कारतूस व वारदात में प्रयुक्त बलेनो कार बरामद हुई है। पुलिस फरार पांच बदमाशों की तलाश में जुट गई है।
पुलिस ने संगठित होकर अपराध करने की धारा में नया केस दर्ज किया है, जिससे गिरोह के सदस्यों की अपराध अर्जित संपत्ति जब्त की जा सके। एडीसीपी वैभव बांगर व एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने पुलिस टीम को शाबाशी दी।
पुलिस डिजिटल प्लेटफार्म आइसीजेएस (इंटर आपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के जरिए लुटेरों की कुंडली ढूढ़ ली। वारदात के बाद पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज से एक बदमाश की फोटो लग गई। इस फोटो को पुलिस ने आइसीजेएस पर अपलोड किया तो बदमाशों के नाम पता, मोबाइल नंबर मिल गए। जिसके बाद पुलिस, रांची, दिल्ली, कोलकाता, कानपुर जयपुर (लुटेरा गिरोह द्वारा अपराध करने वाले शहर) आदि जगहों पर गई, जहां से कुछ न कुछ तथ्य मिलते गए और अंत में दो बदमाश मुठभेड़ में पकड़े गए।
गिरोह बड़े शहर में वारदात करता है। बनारस में 17 जुलाई को दिन में बदमाश पहुंचे। सराफा बाजार के बारे में लोगों से बातचीत कर जानकारी ली और पहुंच गए चौक इलाके में। बदमाशों ने गाड़ी जेएचवी माल के पास खड़ी की। वारदात के बाद टेंपो से चौकाघाट पहुंचे। वहां से ई-रिक्शा कर जेएचवी माल पहुंचे, फिर कार से भाग निकले। गिरोह वारदात के लिए मसाला बाजार, लकड़ी बाजार, सराफा बाजार आदि चुनता है।
कहावत है कि बदमाश भागने से पहले कुछ न कुछ सुराग जरूर छोड़ जाता है। इरानी गैंग के सदस्यों ने भी ऐसा ही किया। वारदात के बाद सात दिन मोबाइल बंद रखे। जब आन हुआ तो नए-नए सिम से बातचीत करना शुरू कर दिए। खास रहा कि मोबाइल पुराना ही रहा, लिहाजा सर्विलांस के जरिए पुलिस इन तक पहुंच गई।
यह भारत सरकार का डिजिटल प्लेटफार्म है। इसका उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े सीसीटीएनएस (पुलिस), ई-कोर्ट, ई-प्रिजन व फारेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाए से जुड़े डिटेल अपलोड किए जाते हैं। इस तरह इस डिजिटल प्लेटफार्म पर एफआइआर से लेकर जांच, अभियोजन, न्यायालय और जेल तक की पूरी आपराधिक न्याय प्रक्रिया, अपराधियों के फोटो आदि उपलब्ध होते हैं। यह प्लेटफार्म देश भर में छिपे बदमाशों को ढूंढ़ने में मदद करता है।