
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल में गेहूं की फसल कटने के बाद बचे अवशेष नरवाई को जलाने पर तीन महीने के लिए प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों द्वारा खेतों में धड़ल्ले से नरवाई जलाई जा रही है, जिसकी शिकायतें, वीडियो और फोटो के माध्यम से जिला प्रशासन को मिल रही हैं। ऐसे में हुजूर और बैरसिया तहसील में 100 से अधिक खेतों में नरवाई जलाने की जानकारी मिली है। जिसके आधार पर एसडीएम ने पटवारियों से रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर किसानों पर जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार प्रशासन ने पिछले महीने आदेश जारी करते हुए नरवाई जलाने पर तीन महीने यानी जून 2026 तक प्रतिबंध लगाया है। इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि नरवाई जलाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ ही ढाई हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाए। इस आदेश के बाद तहसील इलाकों में प्रशासन, पुलिस के मैदानी अमले ने कोई सख्ती नहीं दिखाई, जिसका नतीजा यह रहा कि गेहूं कटने के बाद किसानों ने मौका मिलते ही नरवाई को आग के हवाले कर दिया।
अब नरवाई जलाने की शिकायतें एसडीएम विनोद सोनकिया और आशुतोष शर्मा को मिली हैं। इससे उन्होंने सभी पटवारियों को कहा कि वह नरवाई जलाने वाले खेतों का रिकार्ड तैयार करें और खसरे से किसानों का नाम पता करें। इसकी समग्र रिपोर्ट बनाकर पेश करें, जिससे उनके खिलाफ जुर्माना लगाने सहित अन्य कार्रवाई की जा सके। इन इलाकों में धड़ल्ले से जल रही नरवाई हुजूर और बैरसिया ग्रामीण बहुल तहसीलें हैं, जिनमें सबसे अधिक खेती-किसानी की जाती है।
इनके गांवों में गेहूं की फसल कटने के बाद अधिकांश किसानों ने नरवाई को आग के हवाले किया है। जिनमें ईंटखेड़ी, मुगालिया कोट, सूखीसेवनिया, सेमरा, इमलिया, श्यामपुर, देवलखेड़ी, पुरामनभावन, जगदीशपुर, अरवलिया, परवलिया, अचारपुरा, डोबरा, मुबारकपुर, परेवाखेड़ा, गोलखेड़ी, दुपाड़िया, गुनगा, रतुआ, रूनाहा, चौपड़ा, भानपुर, रातीबड़, नीलबड़, परवलिया सड़क, लहारपुर-बरखेड़ा पठानी सहित अन्य शामिल हैं।
कृषि विभाग देगा खेतों की सैटेलाइट तस्वीरें खेतों में नरवाई जलाने की शिकायतें मिलने के बाद एसडीएम ने कृषि विभाग से मदद मांगी है। इसके लिए उन्होंने विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वह जिन खेतों की नरवाई जलाई गई है, उनकी सैटेलाइट तस्वीरें उपलब्ध करवाएं। इन खेतों का खसरा के माध्यम से रिकार्ड जुटाया जाएगा और यदि किसान ने खेती की है या फिर बटाईदार ने गेहूं की फसल लगाई है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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इस वजह से लगाया गया है प्रतिबंध जिला प्रशासन ने नरवाई जलाने पर प्रतिबंध विभिन्न कारणों से लगाया है। जिनमें वायु प्रदूषण, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति नष्ट होना, आसपास के खेतों, फसलों और रिहायशी इलाकों में आग फैलने का खतरा शामिल है। साथ ही किसानों से रोटावेटर, हैप्पी सीडर और मल्चर जैसे कृषि यंत्रों का उपयोग करने की अपील की है।
गेहूं फसल कटाई के बाद नरवाई नहीं जलाने को लेकर किसानों को लगातार समझाईश दी जा रही है, इसके बाद भी अनेक किसानों ने नरवाई में आग लगाई है।ऐसे किसानों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।- विनोद सोनकिया, एसडीएम हुजूर