
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया. भोपाल: मध्य प्रदेश राज्य आजीविका मिशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ललित मोहन बेलवाल की पदस्थापना के दौरान भर्तियों में अनियमितता सहित पांच शिकायतों की जांच मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) कर रहा है। इसमें कई बड़ी गड़बड़ियां उजागर होने की संभावना है।
इस मामले में पिछले वर्ष अप्रैल में एफआइआर दर्ज हुई थी, जिसमें बेलवाल के अतिरिक्त तीन अधिकारियों को आरोपित बनाया गया है। शिकायतकर्ता भूपेंद्र प्रजापति ने वर्ष 2015-16 में मिशन के अंतर्गत प्रदेश कार्यालय संविदा नियुक्तियों में गड़बड़ी के चार अन्य शिकायतें की थी, जिनकी ईओडब्ल्यू ने अभी जांच ही प्रारंभ नहीं की है।
भर्तियों में गड़बड़ी का चिट्ठा जांच एजेंसी ने तैयार कर लिया है। इसमें भर्ती के नियम, आइएएस अधिकारी नेहा मारव्या की जांच रिपोर्ट, नियुक्त किए गए अधिकारियों के दस्तावेज आदि का परीक्षण शामिल है। इसी शिकायत में 368 भर्तियों में मेरिट सूची की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं।
इसमें एक शिकायत स्वसहायता समूहों के लिए अगरबत्ती बनाने की मशीनें बाजार दर से तीन गुना अधिक दाम पर खरीदी को लेकर है। आरोप है कि 35 से 40 हजार की मशीनों को सवा लाख रुपये में खरीदा गया था। इसी तरह से स्वसहायता समूह की महिलाओं के बीमा में भी फर्जीवाड़े का आरोप है। शिकायत के अनुसार प्रति महिला 300 से 400 रुपये लिए गए, पर उन्हें पालिसी तक नहीं दी गई। गणवेश सिलाई में भी गड़बड़ी के आरोप हैं।
सभी मामलों की जांच ईओडब्ल्यू करने वाला है। गड़बड़ी मिलने पर अलग-अलग एफआइआर दर्ज की जाएगी। बता दें कि ललित मोहन बेलवाल के विरुद्ध लोकायुक्त संगठन में भी कांग्रेस विधायक पारस सखलेचा ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें टेक होम राशन के परिवहन और गुणवत्ता में खराबी के आरोप लगाए गए हैं।