
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी विषय में भी गणित की तर्ज पर दो विकल्प बेसिक और स्टैंडर्ड लागू करने का निर्णय लिया है। मंडल द्वारा इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत सत्र 2026-27 से कक्षा 9वीं और सत्र 2027-28 से कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को अपनी क्षमता और आवश्यकता के अनुसार अंग्रेजी विषय का चयन करने का अवसर मिलेगा। माशिमं के अनुसार यह निर्णय नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को विकल्प आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इससे विद्यार्थियों को अंग्रेजी विषय के अध्ययन में अधिक लचीलापन मिलेगा और वे अपनी शैक्षणिक जरूरतों के अनुसार विषय का स्तर चुन सकेंगे। मंडल ने सभी संबंधित विभागों और विद्यालयों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
मंडल ने स्पष्ट किया है कि बेसिक और स्टैंडर्ड अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक एक ही होगी और दोनों वर्गों की कक्षाएं भी साथ लगेंगी। विद्यार्थियों को केवल नामांकन के समय अपनी पसंद का विकल्प चुनना होगा।
हालांकि, दोनों के प्रश्नपत्र अलग-अलग होंगे। प्रश्नपत्रों का निर्माण माशिमं द्वारा जारी सैंपल पेपर और अंक योजना के आधार पर किया जाएगा और दोनों का कठिनाई स्तर अलग रहेगा।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस सत्र से कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में बेस्ट ऑफ फाइव योजना समाप्त की जा रही है। ऐसे में परिणामों पर संभावित प्रभाव को देखते हुए अंग्रेजी और गणित में दो विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। अभी तक बेस्ट ऑफ फाइव योजना के तहत सबसे अधिक लाभ अंग्रेजी और गणित विषय में विद्यार्थियों को मिलता था।
शिक्षाविद उषा खरे का कहना है कि अंग्रेजी बेसिक और स्टैंडर्ड का विकल्प मिलने से विद्यार्थियों पर अनावश्यक शैक्षणिक दबाव कम होगा। इससे कमजोर विद्यार्थियों को भी अंग्रेजी विषय में बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलेगा और वे अपनी रुचि तथा भविष्य की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुसार विषय का चयन कर सकेंगे।
इस सत्र से नौवीं कक्षा में गणित की तरह अंग्रेजी के भी दो विकल्प - बेसिक और स्टैंडर्ड उपलब्ध होंगे। अगले सत्र से 10वीं में लागू होगा। - बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं