
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। दिल्ली में संसद मार्च कर रहे छात्रों और युवाओं पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन किया। मंगलवार को राहुल गांधी की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना दिया, तो वहीं प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया।
देर रात पुलिस ने पटवारी सहित सभी नेताओं को हिरासत में लिया और कानूनी प्रक्रिया करने के बाद छोड़ दिया। वहीं, कांग्रेस की छात्र विंग एनएसयूआइ ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन कर आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही पर उतर आई है। उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। जीतू पटवारी ने कहा कि पहले युवाओं पर बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया और अब राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं की गिरफ्तारी कराकर प्रधानमंत्री ने संदेश दे दिया है कि वे छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि उनकी आवाज को दबाना चाहते हैं।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि युवाओं की आवाज को कुचला जा रहा है, लेकिन युवा इससे घबराने वाले नहीं हैं। कांग्रेस उनकी लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
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एनएसयूआइ के राष्ट्रीय सह प्रभारी अंशुल त्रिवेदी, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।