MP NEET UG Counseling: दूसरे राउंड में सीट छोड़ी तो 2 लाख पेनल्टी; च्वाइस लॉक करने से पहले जमा होगी एडवांस फीस
सरकारी कॉलेज के लिए अनारक्षित वर्ग को 10 हजार रुपये और आरक्षित वर्ग को 5 हजार रुपये , जबकि निजी कॉलेज के लिए सभी वर्गों को 1 लाख रुपये अग्रिम जमा करना...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 07 Sep 2026 07:46:30 PM (IST)Updated Date: Mon, 07 Sep 2026 07:46:30 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो।HighLights
- दूसरे चरण में सीट आवंटन के लिए गाइडलाइन जारी
- च्वाइस फिलिंग के बाद च्वाइस लॉक करना होगा
- सीट छोड़ने पर 2 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगेगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय, मध्य प्रदेश ने नीट यूजी 2026 की राज्य स्तरीय संयुक्त काउंसिलिंग के दूसरे चरण के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। दूसरे चरण की सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए च्वाइस फिलिंग के साथ च्वाइस लाक करना अनिवार्य होगा।
निर्धारित समय में च्वाइस लॉक नहीं करने पर भरी गई पसंद अमान्य मानी जाएगी और अभ्यर्थी सीट आवंटन प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा।
ये हैं प्रमुख बातें
- दूसरे चरण में शासकीय मेडिकल कॉलेजों के लिए अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 10 हजार और आरक्षित वर्ग को पांच हजार रुपये अग्रिम शुल्क जमा करना होगा।
- निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को एक लाख रुपये जमा करने होंगे।
- सरकारी और निजी दोनों कॉलेजों का विकल्प चुनने पर भी एक लाख रुपये अग्रिम राशि देनी होगी।
- एनआरआई सीटों के लिए 10 लाख रुपये जमा करना होगा।
- एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को च्वाइस भरने से पहले अग्रिम राशि जमा नहीं करनी होगी। उन्हें च्वाइस लॉकिंग के समय केवल 100 रुपये पोर्टल शुल्क देना होगा।
दूसरे चरण में डोमिसाइल और नॉन-डोमिसाइल दोनों अभ्यर्थियों को च्वाइस भरने की अनुमति रहेगी। हालांकि, सीट आवंटन में मध्य प्रदेश के मूल निवासियों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। स्थानीय अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ही अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को सीट दी जाएगी।
दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी
जिन अभ्यर्थियों को नई सीट मिलेगी या कॉलेज, कोर्स अथवा श्रेणी में अपग्रेडेशन होगा, उन्हें निर्धारित अवधि में संबंधित कॉलेज में पहुंचकर नोडल अधिकारी के समक्ष रिपोर्ट करना होगा। इसके बाद मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। प्रवेश के समय माप-अप राउंड के लिए अपग्रेडेशन का विकल्प भी दर्ज करना होगा।
दूसरे चरण में सीट मिलने के बाद प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी ने निर्धारित समय में सीट छोड़ दी तो उस पर दो लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।