
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में दूरस्थ क्षेत्रों के ऐसे अस्पताल जहां विशेषज्ञ चिकित्सक जाना नहीं चाहते, उसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से 'यू कोट, वी पे' योजना शुरू की गई है। इसमें एनएचएम द्वारा जारी विज्ञापन में संस्थावार रिक्त पदों की जानकारी दी जाती है। संस्था का कोड जारी किया जाता है।
डॉक्टर ऑनलाइन आवेदन में वेतन की अधिकतम मांग रखते हैं। उस संस्था में संबंधित विशेषज्ञता में सबसे कम वेतन मांगने वाले को पदस्थ किया जाता है। रेडियोलॉजिस्ट, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ और शिशु रोग विशेषज्ञों के अतिरिक्त कुछ चिह्नित संजीवनी क्लीनिकों में डॉक्टरों की भर्ती के लिए यह व्यवस्था की गई है।
रतलाम-झाबुआ-आलीराजपुर संसदीय क्षेत्र की सांसद अनिता नागर सिंह चौहान ने आदिवासी इलाकों में डॉक्टरों और अस्पतालों की कमी को लेकर लोकसभा में प्रश्न पूछा था, जिसके लिखित उत्तर में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के लिए कुल 14 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी है, जिनमें छह मेडिकल कॉलेज आदिवासी बहुल जिलों में बनाए जा रहे हैं।
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