एमपी पब्लिक हेल्थ कॉरपोरेशन संभालेगा आयुष दवाओं का जिम्मा, खत्म होगा 'आउट ऑफ स्टॉक' का संकट
मध्य प्रदेश के आयुष अस्पतालों और औषधालयों में अब तक आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाओं की खरीदी का सिस्टम बदल रहा है। इनके लिए भी अब दवाओं की खरीदी मप्र ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 17 Apr 2026 10:00:23 AM (IST)Updated Date: Fri, 17 Apr 2026 10:01:49 AM (IST)
एमपी पब्लिक हेल्थ कॉरपोरेशन संभालेगा आयुष दवाओं का जिम्मा (AI से जनरेट इमेज)HighLights
- अब आयुष की दवाएं भी खरीदेगा पब्लिक हेल्थ कॉरपोरेशन
- एमपीपीएचएससीएल ने जारी किए दवाओं के रेट कान्ट्रैक्ट
- ऑनलाइन प्रणाली से सप्लायर्स के साथ होगा सीधा समन्वय
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मप्र के आयुष अस्पतालों और औषधालयों में अब तक आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाओं की खरीदी का सिस्टम बदल रहा है। इनके लिए भी अब दवाओं की खरीदी मप्र पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमपीपीएचएससीएल) करेगा। कॉर्पोरेशन ने पहली बार आयुर्वेदिक कच्ची औषधियों, यूनानी और होम्योपैथिक दवाओं के लिए रेट कान्ट्रैक्ट जारी किए हैं।
कॉर्पोरेशन अभी तक एलोपैथिक दवाओं की ही सीधी खरीदी कर रहा था। अब तक प्रदेश में आयुर्वेदिक दवाओं की आपूर्ति का जिम्मा मुख्य रूप से मप्र लघु वनोपज संघ के पास था, जबकि होम्योपैथिक दवाओं के लिए ओपन टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। इस पुरानी व्यवस्था में अक्सर अनुबंध खत्म होने और नई टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण अस्पतालों में आउट ऑफ स्टॉक की स्थिति बन जाती थी।
इस समस्या को खत्म करने के लिए कॉरपोरेशन ने अब आमगिरी, अश्वगंधा, अर्जुन छाल और ब्राह्मी जैसी प्रमुख आयुर्वेदिक कच्ची औषधियों के लिए सीधे सप्लायर्स के साथ रेट कान्ट्रैक्ट किया है। इसी तरह होम्योपैथी की डाइल्यूशन दवाओं (30, 200 और 1एम पोटेंसी) के लिए भी व्यवस्थित टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई है।
इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब आयुष विभाग भी एलोपैथी की तरह ही एकीकृत और आधुनिक सप्लाई चेन का हिस्सा बन गया है। बड़े ब्रांड्स और प्रतिष्ठित सप्लायर्स के साथ सीधे अनुबंध होने से दवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से खरीदी होने से न केवल प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी खत्म होगी।