अब नहीं करना पड़ेगा घंटों इंतजार... MP में AI तय करेगा बसों का टाइम और रूट? इंदौर में 11-12 सितंबर को बनेगी रणनीति
MP में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और यात्री केंद्रित बनाने की तैयारी है। बसों के मार्ग और समयसारणी तय करने से लेकर टिकटिंग, यात्री सुर...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 10 Sep 2026 07:08:44 PM (IST)Updated Date: Thu, 10 Sep 2026 07:08:44 PM (IST)
इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का आयोजन (AI Image)HighLights
- इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का आयोजन
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे ट्रांसपोर्ट समिट का शुभारंभ
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और AI से तय होंगे बसों के रूट
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और यात्री केंद्रित बनाने की तैयारी है। बसों के मार्ग और समयसारणी तय करने से लेकर टिकटिंग, यात्री सुरक्षा और बस बेड़े के आधुनिकीकरण तक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार से इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में विशेषज्ञ और कंपनियों के प्रतिनिधि मंथन करेंगे।
समिट का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इसमें परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल भी शामिल होंगे। समिट में निजी बस ऑपरेटरों, देशभर के राज्य परिवहन उपक्रमों, परिवहन विशेषज्ञों, आईटी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था के भविष्य पर मंथन होगा।
मध्य प्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 और हरित परिवहन पर जोर
इसके केंद्र में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा रहेगी। सरकार मध्य प्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 के तहत बस संचालन और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम में सार्वजनिक निजी भागीदारी से निवेश बढ़ाने की रणनीति तैयार करेगी। समिट में डाटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से इंट्रा-सिटी और इंटर-सिटी बस मार्गों के युक्तियुक्तकरण पर चर्चा होगी।
यात्रियों की मांग के अनुरूप बस सेवा उपलब्ध कराने और अनावश्यक संचालन घटाने के लिए रियल टाइम यात्री डाटा के आधार पर बसों के मार्ग और समयसारणी तय करने की व्यवस्था विकसित करने के साथ एक राज्य, एक यात्रा की अवधारणा के तहत एकीकृत टिकटिंग और स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली पर भी मंथन होगा। हरित परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों को बढ़ावा देने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। चार्जिंग और रीफ्यूलिंग ढांचे, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली पर भी विशेषज्ञ मंथन करेंगे।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन करेंगे, जिसमें टाटा मोटर्स, ईकेए मोबिलिटी, ग्रीनसेल मोबिलिटी, वोल्वो आयशर, स्विच मोबिलिटी, रैपिडो, चलो मोबिलिटी, इंडियन ऑयल और एसबीआई सहित अन्य कंपनियां भाग लेंगी।
आठ प्रमुख सत्रों में होगा गहन मंथन
- मध्य प्रदेश मोबिलिटी विजन 2030: बस संचालन एवं इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम में सार्वजनिक निजी भागीदारी को बढ़ावा देने संबंधी सत्र में बस संचालन में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल लागू करके सेवा की गुणवत्ता सुधारने पर मंथन।
- भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन अवसंरचना: बस टर्मिनलों, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक परिवहन संपत्तियों में पीपीपी मॉडल के माध्यम से निवेश आकर्षित करने, नीतिगत सहयोग और जोखिम साझाकरण व्यवस्था पर चर्चा।
- वित्तीय रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर सार्वजनिक बस संचालन के लिए रणनीतियां: केवल किराए पर निर्भरता घटाने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण, गैर-किराया राजस्व (विज्ञापन, खुदरा, लॉजिस्टिक्स व नामकरण अधिकार) तथा प्रदर्शन-आधारित अनुबंधों पर विचार।
- यात्री परिवहन क्षेत्र में रोजगार एवं उद्यमिता सृजन हेतु केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभावी उपयोग: पीएम मुद्रा योजना, एमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के माध्यम से ट्रांसपोर्टरों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों और कुशल पेशेवरों को सशक्त बनाने पर चर्चा।
- सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं यात्री सुविधा: सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, वास्तविक समय पर यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण जैसे मुद्दों पर विमर्श।
- डेटा-आधारित निर्णय: राज्यव्यापी आईटीएमएस, रियल-टाइम डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मार्गों के युक्तिकरण एवं शेड्यूलिंग पर चर्चा।
- हरित मोबिलिटी: इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग व रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली (एडीएएस) से जुड़े तकनीकी व ढांचागत पहलुओं की समीक्षा।
- एक राज्य, एक यात्रा: नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, स्वचालित किराया संग्रह, ओपन-लूप भुगतान प्रणाली और मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस प्लेटफॉर्म पर चर्चा।