
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मानसून अभी प्रदेश के पूर्वी जिलों में अति सक्रिय रहने वाला है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र भारी वर्षा का कारण बनेगा। इससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण का विस्तार 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक है। मानसून द्रोणिका भी इस सिस्टम से होकर गुजर रही है। इसके असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
सतना, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ में भारी वर्षा की चेतावनी जारी हुई है। वहीं विदिशा, रायसेन, अशोकनगर, दतिया, भिंड, रीवा, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, निवाड़ी और मैहर जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र और उससे जुड़ा ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण प्रदेश में नमी खींच रहा है। मानसून द्रोणिका के अनुकूल स्थिति में होने से शुक्रवार को विशेषकर पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके उलट पश्चिमी मध्य प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर बारिश होने तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है।
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शनिवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का क्षेत्र कुछ सीमित होकर छिटपुट स्थानों तक रहने का अनुमान है, लेकिन कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है। अति भारी बारिश की वजह से रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों में बाढ़ जैसे हालात का खतरा बढ़ गया है। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।