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भोपाल में तीन लाख लोगों की जलापूर्ति पर बढ़ी चिंता... कम बारिश के कारण बड़े तालाब का जलस्तर 7.10 फीट नीचे पहुंचा

MP Weather: भोपाल और सीहोर में पिछले वर्ष की तुलना में कम बारिश होने से जलभराव प्रभावित हुआ है, जिससे भविष्य की जलापूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

By anuj mainaEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sun, 02 Aug 2026 09:42:36 PM (IST)Updated Date: Sun, 02 Aug 2026 10:00:08 PM (IST)
भोपाल में तीन लाख लोगों की जलापूर्ति पर बढ़ी चिंता... कम बारिश के कारण बड़े तालाब का जलस्तर 7.10 फीट नीचे पहुंचा
कमजोर मानसून से सूना बड़ा तालाब

HighLights

  1. पिछले साल से 4.60 फीट कम है जलस्तर
  2. भोपाल में 7.3 इंच कम बारिश दर्ज हुई
  3. अगले पांच दिन मौसम में बड़ा बदलाव नहीं

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी भोपाल की जीवनरेखा माने जाने वाले बड़े तालाब (भोज वेटलैंड) पर इस बार कमजोर मानसून का असर साफ दिखाई दे रहा है। भोपाल और इसके प्रमुख कैचमेंट क्षेत्र सीहोर में पिछले वर्ष की तुलना में कम वर्षा होने के कारण तालाब का जलस्तर अपेक्षित गति से नहीं बढ़ पा रहा है। रविवार को बड़े तालाब का जलस्तर 1659.70 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसका फुल टैंक लेवल (एफटीएल) 1666.80 फीट है। इस तरह तालाब अभी भी अपने पूर्ण जलभराव स्तर से 7.10 फीट नीचे है।

बारिश के बाद भी नहीं बढ़ा जलस्तर

20 जुलाई को बड़े तालाब का जलस्तर 1659.50 फीट दर्ज किया गया था। इसके बाद कई दौर की बारिश हुई, लेकिन जलस्तर में केवल 0.20 फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह स्थिति बताती है कि इस बार मानसून का प्रभाव तालाब के जलभराव पर अपेक्षित रूप से नहीं पड़ सका।


यदि पिछले वर्ष से तुलना करें तो एक अगस्त को बड़े तालाब का जलस्तर 1664.30 फीट था। यानी इस वर्ष जलस्तर पिछले साल की तुलना में 4.60 फीट कम है। यह अंतर सीधे तौर पर कम बारिश का परिणाम माना जा रहा है।

भोपाल और सीहोर में कम वर्षा का असर

बारिश के आंकड़े भी इसी स्थिति की पुष्टि करते हैं। पिछले वर्ष एक अगस्त तक भोपाल में 26.25 इंच और सीहोर में 25.4 इंच वर्षा दर्ज की गई थी। वहीं इस वर्ष दो अगस्त तक भोपाल में केवल 18.98 इंच और सीहोर में 20.6 इंच बारिश हुई है। यानी भोपाल में लगभग 7.3 इंच और सीहोर में 4.8 इंच कम वर्षा रिकॉर्ड की गई।

बड़े तालाब का अधिकांश कैचमेंट क्षेत्र सीहोर जिले में स्थित है। ऐसे में वहां सामान्य से कम बारिश होने का सीधा असर तालाब में पानी की आवक पर पड़ा है, जिसके कारण जलस्तर अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सका।

तीन लाख लोगों की पेयजल व्यवस्था से जुड़ा है तालाब

बड़ा तालाब केवल प्राकृतिक जलाशय नहीं, बल्कि भोपाल की जलापूर्ति व्यवस्था का प्रमुख आधार भी है। नगर निगम इसी तालाब से पुराने भोपाल, संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) और आसपास के क्षेत्रों की तीन लाख से अधिक आबादी को प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध कराता है। इसके अलावा यह तालाब शहर के भूजल स्तर को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ऐसे में मानसून के दौरान भी तालाब का जलस्तर एफटीएल से 7.10 फीट नीचे बने रहना भविष्य की जलापूर्ति और जल संरक्षण, दोनों के लिहाज से चिंता का विषय माना जा रहा है।

अगले पांच दिन ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के प्रभाव से ग्वालियर-चंबल संभाग, रीवा और सीधी में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं अरब सागर और गुजरात तट से मिल रही नमी के कारण भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, इंदौर, सीहोर, विदिशा, देवास, धार, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, नरसिंहपुर और कटनी जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।