MPRTC कर्मचारियों के लिए खुशखबरी... मिलेगा राज्य कर्मचारियों जैसा वेतन और एरियर, एमपी हाईकोर्ट का आदेश
उच्च न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ ने एक फैसला सुनाते हुए आदेश दिया है कि परिवहन निगम के कर्मचारियों को भी राज्य शासन के अन्य कर्मचारियों के समान ही वेतनमा ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 16 Apr 2026 07:41:18 PM (IST)Updated Date: Thu, 16 Apr 2026 07:42:53 PM (IST)
MPRTC कर्मचारियों के लिए खुशखबरीHighLights
- प्रबंध निदेशक द्वारा 2014 में लाभों पर लगाई गई रोक को कोर्ट ने किया खारिज
- 5वें, 6ठें और 7वें वेतनमान के साथ एरियर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
- मुख्य सचिव और प्रबंध निदेशक को कोर्ट के आदेश का अभ्यावेदन प्रेषित
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। एमपी के परिवहन निगम के कर्मचारियों की वर्षों पुरानी कानूनी लड़ाई का अंत उनके पक्ष में हुआ है। उच्च न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ ने एक फैसला सुनाते हुए आदेश दिया है कि परिवहन निगम के कर्मचारियों को भी राज्य शासन के अन्य कर्मचारियों के समान ही वेतनमान, महंगाई भत्ता और अन्य सभी वित्तीय हित-लाभ प्रदान किए जाएं।
यह पूरा मामला 1988 में हुए एक समझौते से जुड़ा है। न्यायालय ने 31 मार्च 2026 को पारित अपने आदेश में स्पष्ट किया कि फरवरी 1988 में हुए समझौते के आधार पर परिवहन कर्मियों को प्रदेश शासन के कर्मचारियों के समान ही लाभ मिलने चाहिए।
प्रबंध निदेशक का पुराना आदेश खारिज
इसी के साथ कोर्ट ने प्रबंध निदेशक के उस पुराने आदेश (दिनांक 22/12/2014) को भी पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें कर्मचारियों को मिलने वाले इन लाभों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया था। न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान के तहत पांचवें, छठे और सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए। साथ ही उन्हें राज्य के अन्य कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता और एरियर का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।
शासन और प्रबंधन को अभ्यावेदन प्रेषित
महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष आर.के. कटियार और प्रांतीय संयोजक विजय सिंह ठाकुर ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश के बाद मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (परिवहन) और प्रबंध निदेशक को विधिवत अभ्यावेदन प्रेषित कर दिया गया है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि शासन और प्रबंधन द्वारा ऐसे आदेश जारी किए जाएं जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि निगम में कार्यरत यूनियन के सदस्यों को संशोधित वेतनमान का भुगतान समय पर हो।