
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया भोपाल। नीट पेपर लीक, सीबीएसई की परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप और छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) ने शनिवार को भोपाल में प्रदर्शन किया। प्रदेश भर से बड़ी संख्या में पहुंचें कार्यकर्ता मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे, जिन्हें पुलिस ने रेडक्रास चौराहे के पास रोका तो वे बैरिकेड्स चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस पर पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार मारी और खदेड़ दिया। कुछ एक कार्यकर्ता घायल भी हुए।

पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में करने के लिए धरने पर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, एनएसयूआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत करीब 30 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर किया। कई को हिरासत में भी लिया। हालांकि बाद में उन सबको छोड़ दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि नीट पेपर लीक के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सीबीएसई की परीक्षा में गड़बड़ी में बोर्ड के लोग भी सम्मिलित हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की संसदीय समिति में मैं अध्यक्ष हूं। नीट पेपर लीक और सीबीएसई बोर्ड के संबंध में मैंने विभाग से कुछ प्रश्न किए हैं। एक-दो जून को अधिकारियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं।
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एनएसयूआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि एनटीए भ्रष्टाचार की एजेंसी बन गई है। सीबीएसई में ब्लैक लिस्टेड कंपनी नाम बदलकर ठेका ले लेती है। प्रदर्शन में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल भी शामिल हुए।
वाटर कैनन से बौछार मारते समय एनएसयूआइ कार्यकर्ताओं की ओर से पुलिसकर्मियों की तरफ एक जूता फेंका गया, जिस पर पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी जताई। इस तरह की अभद्रता नहीं करने की चेतावनी दी।