भोपाल में नर्सिंग छात्रों का प्रदर्शन उग्र; डिप्टी रजिस्ट्रार पर फेंकी स्याही, हवा में उड़ाए नकली नोट
चार साल से परीक्षा और रिजल्ट लंबित होने के विरोध में नर्सिंग छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना उग्र हुआ।
Publish Date: Wed, 12 Aug 2026 03:08:50 PM (IST)Updated Date: Wed, 12 Aug 2026 03:08:50 PM (IST)
नर्सिंग छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना उग्र हुआ। साै- आयोजक।HighLights
- नर्सिंग छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना उग्र हुआ
- प्रदर्शन के दौरान डिप्टी रजिस्ट्रार पर स्याही फेंकी
- नकली नोटों की गड्डियां उछालकर विरोध जताया गया
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नर्सिंग छात्रों का नर्सिंग काउंसिल के सामने चल रहा अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को उग्र हो गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नर्सिंग काउंसिल के डिप्टी रजिस्ट्रार पर स्याही फेंकी और नकली नोटों की गड्डियां उछालकर अपना विरोध जताया।
छात्रों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के कारण नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। नर्सिंग छात्र संगठन के नेतृत्व में छात्र आठ अगस्त से नर्सिंग काउंसिल भोपाल के सामने अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।
पैसे लेकर मान्यता देने का आरोप
छात्रों की प्रमुख मांगों में जीएनएम और बीएससी नर्सिंग के लंबित रिजल्ट जारी करना और आगामी परीक्षाएं आयोजित कराना शामिल है। छात्रों का कहना है कि कई विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी होने के बावजूद परीक्षा और परिणाम में देरी से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने नर्सिंग कालेजों को कथित तौर पर पैसे लेकर मान्यता देने का आरोप भी लगाया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि व्यवस्था में सुधार के लिए बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। छात्रों ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने तथा ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी छात्रवृत्ति योजना शुरू करने की मांग की है।
इसके अलावा नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों के बजाय मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ने की मांग की गई है।
फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की मांग
छात्रों ने नर्सिंग शिक्षा में भ्रष्टाचार खत्म करने और फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि अधिकारियों को उनकी समस्याओं के प्रति गंभीरता से कार्रवाई के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से यह प्रदर्शन किया गया है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।