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नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कोकता स्थित रानी अवंती बाई ट्रांसपोर्ट नगर में डंप किए जा रहे बायोमेडिकल वेस्ट के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने संज्ञान लिया है। कार्रवाई के दौरान वहां से बायोमेडिकल वेस्ट हटा लिया गया है। साथ ही कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोजल फैसिलिटी (सीबीडब्ल्यूटीएफ) को सूचना देकर कचरे को ट्रेस करने के निर्देश दिए गए हैं।
नाम और बारकोड होना अनिवार्य
सीबीडब्ल्यूटीएफ के रिकॉर्ड और बारकोड टैग के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि कचरा किस अस्पताल, क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब या नर्सिंग होम से निकला है। नियमों के अनुसार प्रत्येक बायोमेडिकल वेस्ट बैग पर संबंधित संस्था का नाम और बारकोड होना अनिवार्य है।
मौके से मिली दवाओं और अन्य सामग्री के सैंपल लेकर जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि उनमें प्रतिबंधित दवाएं, एक्सपायर्ड इंजेक्शन, खाली शीशियां या इस्तेमाल की गई सुई तो नहीं हैं। यदि कोई खतरनाक दवा या रसायन मिलता है तो ड्रग कंट्रोल और फूड एंड ड्रग विभाग को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
निपटान तय प्रक्रिया के अनुसार करना अनिवार्य
बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 के तहत इस तरह के कचरे का निपटान तय प्रक्रिया के अनुसार करना अनिवार्य है। जांच में लापरवाही मिलने पर संबंधित संस्था से कचरा उठाने, निपटान और जांच का पूरा खर्च वसूला जाएगा। साथ ही जुर्माना लगाने और लाइसेंस निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार बायोमेडिकल कचरे में सुई, ब्लेड, खून लगे बैंडेज और दवाएं शामिल होती हैं। ऐसे कचरे के खुले में पड़े रहने से संक्रमण, एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। साथ ही बच्चों और आवारा जानवरों के संपर्क में आने से गंभीर हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
इनका क्या कहना
ट्रांसपोर्ट नगर से बायोमेडिकल वेस्ट को हटा लिया गया है। संबंधित कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोजल फैसिलिटी को सूचना देकर कचरे को ट्रेस करने के निर्देश दिए गए हैं। कचरा किस अस्पताल, क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब या नर्सिंग होम से निकला है, इसकी जांच की जा रही है।
– नीतेश चौरसिया, आरओ, पीसीबी