जब असली थाने पहुंचा 'डिजिटल अरेस्ट' का शिकार, तो ठग ने पुलिस को ही दी धमकी- वर्दी उतरवा दूंगा
थाने में मौजूद एसआई अरविंद कुमार सिंह ने जब ठग से बात की तो वह गुमराह करने लगा। उन्होंने जब ठग पर कार्रवाई करने की बात कही तो बोला कि दो मिनट में वर्द ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 09 Mar 2026 05:14:47 AM (IST)Updated Date: Mon, 09 Mar 2026 05:17:15 AM (IST)
पुणे एटीएस बनकर 61 वर्षीय कर्मचारी संग डिजिटल अरेस्ट (AI Photo)HighLights
- पुणे एटीएस बनकर 61 वर्षीय कर्मचारी संग डिजिटल अरेस्ट
- आतंकियों संग कनेक्शन का आरोप लगाकर रखा था डिजिटल अरेस्ट
- पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। साइबर ठग ने खुद को पुणे एटीएस का अधिकारी बताकर विंध्याचल भवन के 61 वर्षीय कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। अधिकारी बने ठग ने कर्मचारी पर आतंकवादी कनेक्शन होने के आरोप लगाए। दिन भर कैमरे के सामने रहने के बाद जब ठगों ने रात में भी कैमरा चालू रखने की हिदायत दी तब कर्मचारी ने अपनी बेटी को पूरा मामला बताया, जिसके बाद बेटी की सूझबाझ से पूरा परिवार बजरिया थाने पहुंचा।
वहां मौजूद एसआई अरविंद कुमार सिंह ने जब ठग से बात की तो वह गुमराह करने लगा। उन्होंने जब ठग पर कार्रवाई करने की बात कही तो बोला कि दो मिनट में वर्दी उतरवा दूंगा और फिर फोन बंद कर लिया। बजरिया पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी शिल्पा कौरव ने बताया कि आदर्श कुमार सिंह, विंध्याचल वैली में रहते हैं और विंध्याचल भवन में शासकीय कर्मचारी हैं।
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7 मार्च को शाम करीब चार बजे उन्हें वॉट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुणे एटीएस का इंस्पेक्टर बताते हुए आरोप लगाया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में हुआ है। इसके बाद ठग ने उन्हें वीडियो कॉल पर लगातार निगरानी में रखकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। घबराए आदर्श सिंह अपनी पत्नी और बेटी के साथ थाने पहुंचे। पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया। साइबर एक्सपर्ट उपनिरीक्षक अरविंद कुमार सिंह ने ठग से बातचीत की और उन्हें मुक्त किया।