
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर रोजाना चार से आठ घंटे तक की बिजली कटौती झेल रहे उपभोक्ताओं को गुरुवार शाम आई तेज आंधी और बारिश के दौरान एक बार फिर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम बिगड़ते ही शहर के तीन सौ से अधिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई और कई इलाकों में घंटों तक अंधेरा छाया रहा।
बिजली कंपनी द्वारा लगातार रखरखाव और मरम्मत कार्य किए जाने के बावजूद व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पहली ही तेज आंधी में सामने आ गई। शहर के विभिन्न हिस्सों में पेड़ गिरने और विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचने से बड़ी संख्या में फीडर प्रभावित हुए। इससे हजारों उपभोक्ताओं को देर रात तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार आंधी और अंधड़ के कारण राजधानी में विद्युत प्रदाय को व्यापक नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक भोपाल शहर के लगभग तीन सौ फीडर पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर विद्युत संरचना को गंभीर क्षति पहुंची है। कंपनी के अनुसार टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य में जुटी रहीं और बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास देर रात तक जारी रहे।
आंधी के बाद एमपी नगर, बैरागढ़, जहांगीराबाद, नीलबड़, डिपो चौराहा सहित अनेक इलाकों में बिजली गुल रही। वहीं श्यामला हिल्स, अयोध्या बायपास, तुलसी नगर, आसाराम चौराहा, कोलार और बिट्टन मार्केट क्षेत्र में पेड़ गिरने के कारण बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही।
यदि नियमित रूप से रखरखाव और पेड़ों की छंटाई का कार्य किया जाता तो आंधी के दौरान इतने बड़े स्तर पर बिजली व्यवस्था प्रभावित नहीं होती। जब पूरे वर्ष मरम्मत और मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती की जाती है, उसके बाद भी पहली ही तेज आंधी में व्यवस्था चरमरा गई।
बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए जहां भी पेड़ों की छंटाई आवश्यक हो, उसके लिए नगर निगम से अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। इस संबंध में नगर निगम द्वारा 1 जनवरी 2026 को ही पत्र जारी कर दिया गया था। - संस्कृति जैन, आयुक्त, नगर निगम भोपाल।
नोट: बिजली विभाग का अभी तक वर्जन नहीं आया है।
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