MP News: 50 साल पुरानी सड़क से मिलेगी मुक्ति! वैकल्पिक मार्ग तैयार, लेकिन सर्विस रोड का काम पूरा न होने से 'कनेक्टिविटी' फेल
संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन तक वैकल्पिक पहुंच मार्ग का निर्माण पूरा हो गया है। रेल प्रशासन ने यहां सीमेंट कांक्रीट कार्य कराया गया है लेकिन नागरिकों ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 29 Jan 2026 09:31:41 PM (IST)Updated Date: Thu, 29 Jan 2026 09:31:41 PM (IST)
MP News: 50 साल पुरानी सड़क से मिलेगी मुक्तिHighLights
- रेलवे ने पूरा किया वैकल्पिक सीमेंट मार्ग का काम, कनेक्टिविटी का इंतजार
- 2 साल से अटका है आरओबी सर्विस रोड का काम, यात्रियों को नहीं मिल रहा लाभ
- पुराने मार्ग को आगमन और नए को प्रस्थान हेतु 'वन-वे' करने की मांग
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन तक वैकल्पिक पहुंच मार्ग का निर्माण पूरा हो गया है। रेल प्रशासन ने यहां सीमेंट कांक्रीट कार्य कराया गया है लेकिन नागरिकों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। दरअसल इस मार्ग को फाटक रोड पर बनाए जा रहे सर्विस रोड से जोड़ा जाना है। सर्विस रोड का काम दो साल में भी नहीं हो सका है।
50 साल पुराने मार्ग पर यातायात का दबाव
संत हिरदाराम नगर स्टेशन तक पहुंच मार्ग का निर्माण करीब 50 साल पहले हुआ था। तब स्टेशन से ट्रेनों की आवाजाही कम थी। पहले यहां चुनिंदा ट्रेनों का ही स्टापेज था। भविष्य में ट्रेनों का स्टापेज बढ़ने की उम्मीद है ऐसे में स्टेशन रोड छोटा साबित हो रहा है। यही कारण है कि रेलवे ने अपने हिस्से में ही वैकल्पिक मार्ग का निर्माण किया है। इसे फाटक रोड पर आरओबी के नीचे बने सर्विस रोड से जोड़ने का प्रस्ताव है। सर्विस रोड का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
भविष्य में आसान होगी आवाजाही
योजना के अनुसार स्टेशन पर आने वाले वाहन वैकल्पिक मार्ग से सर्विस रोड से होते हुए बैरागढ़ बाजार तक जा सकेंगे। सर्विस रोड से जुड़ने के बाद नए एवं पुराने मार्ग को वन वे करने पर विचार किया जा सकता है। रेल सुविधा संघर्ष समिति लंबे समय से वैकल्पिक मार्ग का निर्माण करने की मांग करती रही है। समिति के अध्यक्ष परसराम आसनानी ने कहा है कि नया मार्ग बनने से यात्रियों को सुविधा हो जाएगी।
व्यापार और यातायात को मिलेगी राहत
आसनानी ने कहा है कि सर्विस रोड का काम जल्द पूरा करना चाहिए ताकि नागरिकों को सुविधा हो सके। समिति ने रेल प्रशासन को पुराने मार्ग को आगमन एवं नए मार्ग के प्रस्थान मार्ग के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया है। यदि ऐसा किया गया तो दोनों मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा। वर्तमान में पुराने मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक है। यह मार्ग व्यवसायिक स्थल है। यातायात अधिक होने से कारोबार पर असर पड़ रहा है।