भोपाल में मातृ मृत्यु पर CMHO का कड़ा रुख, लापरवाही पर नपेंगे डॉक्टर; बिना सूचना रेफरल पर रोक
मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक में सीएमएचओ डा. मनीष शर्मा ने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 16 Apr 2026 07:45:58 PM (IST)Updated Date: Thu, 16 Apr 2026 07:45:58 PM (IST)
भोपाल में मातृ मृत्यु पर CMHO का कड़ा रुख( सांकेतिक फोटो) नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी में मातृ मृत्यु (मैटरनल डेथ) के मामलों को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। जयप्रकाश (जेपी) जिला चिकित्सालय में आयोजित मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक में सीएमएचओ डा. मनीष शर्मा ने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि जांच, उपचार या रेफरल में चूक के कारण किसी प्रसूता की मृत्यु होती है, तो संबंधित डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में क्षेत्रीय संचालक डा. नीरा चौधरी की मौजूदगी में जिले में हुई हालिया मातृ मृत्यु के मामलों की क्लीनिकल डायग्नोसिस, सोनोग्राफी और पैथोलॉजी रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा की गई। विशेषज्ञों ने उच्च जोखिम (हाई रिस्क) मामलों के चिन्हांकन में हुई कमियों पर चर्चा की और संबंधित स्टाफ से फीडबैक लिया। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. पूनम श्रीवास्तव, फोग्सी अध्यक्ष डा. आभा जैन सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
बिना सूचना रेफरल पर सख्ती
अक्सर देखा जाता है कि गंभीर स्थिति में प्रसूता को बिना पूर्व सूचना के दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, जिससे इलाज में देरी होती है। इसे रोकने के लिए सीएमएचओ ने सभी डिलीवरी प्वाइंट्स का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए हैं। अब किसी भी महिला को रेफर करने से पहले संबंधित अस्पताल को सूचित करना अनिवार्य होगा।
फॉलोअप भी जरूरी
रेफरल के बाद भी मरीज की स्थिति का निरंतर फॉलोअप लेना जरूरी होगा। रेफरल केवल “108” एंबुलेंस के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि समय पर और सुरक्षित तरीके से मरीज को उपचार मिल सके।
यह भी पढ़ें- रेलवे में रोजगार का मौका, भोपाल मंडल के 14 स्टेशनों पर होगी ATVM ऑपरेटरों की भर्ती