
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के करीब 2.10 लाख प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए परीक्षा पास करनी होगी। इस संबंध में एमपी स्कूल शिक्षा विभाग का अंतिम मौका जुलाई-अगस्त में मिलेगा। इन शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में वे सफल नहीं हुए तो विभाग उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे देगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षक बनने के लिए पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया था। प्रदेश में यह परीक्षा 2013 से शुरू हुई। अब इससे पहले के भर्ती शिक्षकों को पात्रता परीक्षा देना अनिवार्य किया गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर ऐसे शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में भाग लेने को कहा है। विभाग ने संभागीय संयुक्त संचालकों व जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेशित किया है कि ऐसे सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के सभी संवर्गों के शिक्षकों को जो पूर्व से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं हैं, उन्हें पात्रता परीक्षा में शामिल करने के लिए निर्देशित करें। विभाग ने निर्देशित किया है कि प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापन करने वाले शिक्षकों को दो वर्षों में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
यदि निर्धारित अवधि में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करते हैं एवं उनकी सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय शेष हो, तो ऐसे शिक्षकों को स्वयं सेवानिवृत्त होने या अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान किए जाने संबंधी आदेश दिया गया है। हालांकि शिक्षक संगठन इसके विरोध में भी उतर रहे हैं। बता दें, कि प्रदेश में साढ़े चार लाख शिक्षक कार्यरत हैं।
मध्य प्रदेश शासन ने 1998, 2001, 2003, 2006, 2009 और 2010 में भर्ती शिक्षक हुई थी। इसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं की गई थी। इस कारण शिक्षकों को भर्ती परीक्षा देनी होगी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 के अनुसार प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के अध्यापकों को पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील 1385/2025, 1386/2025 एवं अन्य समरूप याचिकाओं में पारित आदेश एक सितंबर 2025 के अनुसार प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापन करने वाले अध्यापकों को आगामी दो वर्षों में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना अनिवार्य है। प्रदेश के प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों को पात्रता परीक्षा पास करनी होगी। इस लेकर दिशानिर्देश तैयार किए जा रहे हैं।- शिल्पा गुप्ता, आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय
इस आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। 15 मार्च को संगठन की बैठक कर आगामी रणनीति तय की जाएगी।- जगदीश यादव, प्रांताध्यक्ष, राज्य शिक्षक संघ