राजनीतिक दलों की अब बढ़ती सक्रियता
निर्वाचन आयोग ने एसआइआर के कार्य के समय ही राजनीतिक दलों से सहयोग की बात कही थी, लेकिन राजनीतिक दलों की ओर से उस समय सजगता नहीं दिखाई गई। अब मतदाता घट गए हैं तो राजनीतिक दल चिंतित हो रहे हैं।
एमपी में एसआइआर में मतदाताओं की स्थिति
प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व कुल मतदाता - 5,74,06,143
प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद मतदाता - 5,31,31,983
अंतिम मतदाता सूची में कुल मतदाता - 5,39,81,065
प्रारूप सूची के बाद मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि - 8,49,082
पूर्व की सूची के अनुरूप हटाए गए मतदाता - 34,25,078
मतदाता एक नजर में
मतदाता - एसआइआर के पहले - एसआइआर के बाद
पुरुष - 2,93,91,548 - 2,79,04,975
महिला - 2,80,13,362 - 2,60,75,186
थर्ड जेंडर - 1233 - 904 - 329
कुल - 5,74,06,143 - 5,39,81,065
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किस श्रेणी में कितने मतदाताओं के नाम हटाए
मृत - 8.46 लाख
अनुपस्थित - 31.50 लाख
दो या अधिक जगह नाम - 2,77 लाख
हम शुरू से ही एसआइआर के कार्य को लेकर प्रश्न उठाते रहे हैं। यह पूरा कार्य बीएलओ के भरोसे हुआ है, कार्य में गंभीर लापरवाही भी बरती गई। बीएलओ ने यह नहीं पता लगाया कि 31.50 लाख से अधिक अनुपस्थित या स्थानांतरित मतदाताओं कहां हैं। अब हम अपने बीएलए की मदद से इन श्रेणी के मतदाताओं को तलाश कर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए अभियान चलाएंगे। - एएस उप्पल, प्रदेश सहसंयोजक, एसआइआर प्रदेश टोली भाजपा
हम मतदाता सूची अपने बीएलए को देंगे और हर बूथ की मतदाता सूची का सत्यापन कराएगी। वैसे निर्वाचन आयोग ने एसआइआर का पूरा काम भाजपा के इशारे पर किया है। अगर मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा पकड़ में आता है तो हम न्यायालय तक जाएंगे। -जेपी धनोपिया, निर्वाचन कार्य प्रभारी, मप्र कांग्रेस कमेटी