• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • ए आई बूटकैंप
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

भोपाल की 'लाइफलाइन' बड़ा तालाब पर संकट: FTL दायरे में बने 290 अवैध निर्माण अब भी जस के तस, आज NGT में पेश होगी रिपोर्ट

मध्य प्रदेश की राजधानी की जीवनरेखा माने जाने वाले बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर दायरे में बने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई अब...और पढ़ें

By Madanmohan malviyaEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Thu, 09 Jul 2026 11:41:22 AM (IST)Updated Date: Thu, 09 Jul 2026 11:41:22 AM (IST)
भोपाल की 'लाइफलाइन' बड़ा तालाब पर संकट: FTL दायरे में बने 290 अवैध निर्माण अब भी जस के तस, आज NGT में पेश होगी रिपोर्ट
नगर निगम, प्रशासन की टीम ने शनिवार को बड़ा तालाब के 50 मीटर दायरे में चिह्नित अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई की थी

HighLights

  1. एनजीटी में आज सुनवाई, निगम प्रशासन पेश करेगा रिपोर्ट
  2. सीमांकन में चिह्नित किए थे 347 अवैध निर्माण
  3. डेढ़ महीने में खत्म हो गया था सीमांकन

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी की जीवनरेखा माने जाने वाले बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर दायरे में बने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई अब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की सख्त निगरानी में है। गुरुवार को एनजीटी में इस मामले की सुनवाई होगी, जिसमें नगर निगम और जिला प्रशासन अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) पेश करेंगे।

हालांकि प्रशासन की कार्रवाई की रफ्तार सवालों के घेरे में है। करीब साढ़े चार महीने पहले सीमांकन पूरा होने के बावजूद 347 चिह्नित अवैध निर्माणों में से अब तक केवल 57 ही हटाए जा सके हैं, जबकि 290 निर्माण अब भी जस के तस खड़े हैं।


जानकारी के अनुसार एफटीएल क्षेत्र में निजी निर्माणों को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने 21 अप्रैल को आदेश जारी किए थे, लेकिन अमल 74 दिन बाद शुरू हो सका।बीते शनिवार को टीटी नगर एसडीएम अर्चना रावत शर्मा, नगर निगम, वन विभाग और टीएंडसीपी की संयुक्त टीम ने गौरा, सेवनिया गौंड और बिशनखेड़ी में छह निजी निर्माण तथा शासकीय भूमि पर एक अवैध निर्माण हटाए थे। इनमें निर्माणाधीन मकान, बाउंड्रीवाल, टीनशेड और पक्के पिलर शामिल थे। वहीं हलालपुर स्थित वायु रेस्टोरेंट के संचालक ने अपना स्ट्रक्चर स्वयं हटाना शुरू कर दिया।

प्रशासन की अगली कार्रवाई बोट क्लब क्षेत्र में प्रस्तावित है। यहां एफटीएल सीमा में आने वाले 26 निर्माणों का सर्वे पूरा हो चुका है। इनमें जाक रेस्टोरेंट का लगभग चार हजार वर्गफीट हिस्सा, लहर रेस्टोरेंट, विंड्स एंड वेव परिसर तथा नगर निगम के फूड जोन की 26 दुकानों को एफटीएल क्षेत्र में चिह्नित किया गया है। हलाांकि इन पर अब तक कार्रवाई नहीं की जा सकी है, अब इनके बिना ही रिपोर्ट एनजीटी में पेश की जाएगी।

2022 की सीमा पर उठ रहे सवाल

मामले का सबसे बड़ा विवाद पर्यावरण विभाग के उस आदेश को लेकर है, जिसमें मार्च-2022 के बाद हुए निर्माणों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जबकि एनजीटी ने अपने आदेश में पूरे कैचमेंट क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने को कहा था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि 2022 से पहले बने बड़े और रसूखदार निर्माणों पर कार्रवाई कब होगी। पर्यावरणविद राशिद नूर खान का कहना है कि इससे कार्रवाई का दायरा सीमित हो गया है।

इनका कहना है

बड़ा तालाब के एफटीएल से 50 मीटर दायरे में चिह्नित अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।जिन अवैध निर्माणों को लेकर स्टे मिला हुआ है उन पर कार्रवाई नहीं की गई है।इसको लेकर रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे एनजीटी में पेश किया जाएगा। संस्कृति जैन, आयुक्त, नगर निगम।