
विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर, देवास-भोपाल कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड (DBCPL) द्वारा हाईवे ड्राइवरों और परिवहन कर्मियों के बीच स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता अभियान *"तंबाकू छोड़ो, स्वस्थ ज़िंदगी के सफ़र से जुड़ो"* की शुरुआत की गई।
इस अभियान के अंतर्गत एम्स भोपाल के एक चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा एक हाईवे ढाबे पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिससे तंबाकू की लत और स्वास्थ्य से जुड़ी खुली चर्चा के लिए एक परिचित और सहज वातावरण तैयार हो सका। इस सत्र में ट्रक चालकों और परिवहन कर्मियों ने भाग लिया और तंबाकू सेवन से जुड़े दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों तथा निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर विचार-विमर्श किया।
ट्रक चालक और हाईवे परिवहन कर्मी लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक रूप से कठिन परिस्थितियों में सड़क पर काम करते हैं, जिससे वे तंबाकू की लत और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। *
इस सत्र में ट्रक चालकों का एक मानसिक स्वास्थ्य आकलन घटक भी शामिल किया गया, ताकि तंबाकू सेवन और निर्भरता से जुड़े व्यवहार संबंधी पैटर्न को बेहतर ढंग से समझा जा सके।*

इस अभियान के माध्यम से DBCPL ने इस प्रायः उपेक्षित समुदाय से सीधे संवाद स्थापित कर, जागरूकता और विशेषज्ञ मार्गदर्शन के ज़रिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया। एम्स भोपाल के मनोचिकित्सा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. तन्मय जोशी ने इस सत्र में चिकित्सा विशेषज्ञ वक्ता के रूप में भाग लिया।
डॉ. जोशी ने ड्राइवरों से न केवल एक डॉक्टर के रूप में, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में संवाद किया जो नशे के मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभावों को गहराई से समझते हैं। उन्होंने तंबाकू सेवन से होने वाले दीर्घकालिक नुकसान, लत के पीछे के व्यवहारगत कारणों और तंबाकू को धीरे-धीरे कम करके छोड़ने के व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डाला।
ड्राइवरों की प्रतिक्रिया अत्यंत सकारात्मक रही। उनमें से कई ने बताया कि वे देवास-भोपाल कॉरिडोर के नियमित यात्री हैं और उन्होंने वर्षों में बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी और बुनियादी ढाँचे का लाभ अनुभव किया है। साथ ही, उन्होंने इस अभियान की विशेष सराहना की क्योंकि यह हाईवे प्रबंधन से आगे बढ़कर उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य और कल्याण पर केंद्रित था।

ड्राइवरों की खुली बातचीत और सार्थक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए सत्र को अनौपचारिक और संवादात्मक तरीके से आयोजित किया गया। सत्र के दौरान जागरूकता सामग्री और प्रतिज्ञा पत्र वितरित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को तंबाकू सेवन कम करने और अंततः इसे छोड़ने की दिशा में क्रमिक कदम उठाने की प्रेरणा मिली।
प्रत्येक वर्ष 31 मई को मनाया जाने वाला विश्व तंबाकू निषेध दिवस विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। इस अभियान के माध्यम से DBCPL ने ड्राइवरों को उनके रोज़मर्रा के परिवेश में संलग्न कर और बुनियादी ढाँचे के विकास से परे उनके स्वास्थ्य एवं कल्याण को प्राथमिकता देते हुए, यह संदेश सीधे राजमार्ग समुदाय तक पहुँचाया।