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भोपाल में नगर निगम की कार्रवाई से व्यापारी परेशान, पूर्व विधायक ने CM मोहन यादव से लगाई न्याय की गुहार

भोपाल के आवासीय क्षेत्रों में लंबे समय से संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में असंतोष ब...और पढ़ें

By dilip mangtaniEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Wed, 02 Sep 2026 01:35:39 PM (IST)Updated Date: Wed, 02 Sep 2026 01:35:39 PM (IST)
भोपाल में नगर निगम की कार्रवाई से व्यापारी परेशान, पूर्व विधायक ने CM मोहन यादव से लगाई न्याय की गुहार
पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार डागा ने CM मोहन यादव से लगाई न्याय की गुहार

HighLights

  1. भोपाल में सीलिंग पर सियासत गर्मा गई है
  2. पूर्व विधायक जितेंद्र डागा मैदान ने सीएम को लिखा पत्र
  3. उन्होंने अफसरों की जवाबदेही तय करने की मांग की है

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी भोपाल के आवासीय क्षेत्रों में लंबे समय से संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इस मामले में हुजूर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक जितेंद्र कुमार डागा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर हजारों व्यापारियों के साथ न्याय करने और व्यावसायिक गतिविधियों को वैध करने की मांग की है।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए डागा ने कहा कि पिछले करीब एक माह से भोपाल में व्यापार करने वाले हजारों व्यापारी और उनसे जुड़े लाखों कर्मचारी नगर निगम की कार्रवाई से परेशान हैं। नगर निगम द्वारा आवासीय क्षेत्रों में संचालित प्रतिष्ठानों को लेकर तालाबंदी से लेकर नोटिस चस्पा करने तक की कार्रवाई की जा रही है। इससे व्यापारियों में आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन भी दाखिल करेंगे।


डागा ने पत्र में उल्लेख किया कि इनमें से अनेक व्यापारी पिछले 30-40 वर्षों से नगर निगम क्षेत्र में अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। इस दौरान नगर निगम द्वारा आवासीय क्षेत्रों में खुली दुकानों के मालिकों को गुमास्ता लाइसेंस दिए गए, संपत्ति कर वसूला गया तथा उनके व्यवसाय को नियमित रूप से चलने दिया गया। अब वर्षों बाद इन्हीं प्रतिष्ठानों को आवासीय क्षेत्र का हवाला देकर बंद करने के नोटिस दिए जा रहे हैं।

नगर निगम की भूमिका की भी जांच की जाए

पूर्व विधायक ने कहा कि अचानक व्यावसायिक गतिविधियां बंद होने से व्यापारी, कर्मचारी और उनके परिवार प्रभावित होंगे। उन्होंने मांग की कि कार्रवाई से पहले पूर्व में दी गई अनुमतियों और नगर निगम की भूमिका की भी जांच की जाए। पत्र में उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, जिन अधिकारियों के कार्यकाल में ऐसे व्यवसाय शुरू हुए उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई करने तथा आवासीय क्षेत्रों में लंबे समय से संचालित दुकानदारों को पहले नियमित करने की मांग की है। साथ ही भविष्य के लिए स्पष्ट और सख्त नियम बनाए जाने का सुझाव दिया है।

यह भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भोपाल में 7 संपत्तियां सील, 102 व्यापारियों ने खुद बंद किए शटर; 15 सितंबर को पेश होगी रिपोर्ट

उन्होंने कहा कि हजारों दुकानदारों की परेशानी को देखते हुए मामले की जानकारी माननीय सर्वोच्च न्यायालय को भी दी जाए तथा वर्तमान व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कम से कम एक बार के लिए आवश्यक अनुमति प्रदान की जाए। पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर व्यापारियों को राहत दिलाने की मांग की है।