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अर्बन चैलेंज फंड से बदलेगी मध्य प्रदेश के छह शहरों की तस्वीर, उज्जैन के विकास के लिए आएगा टेंपल बॉन्ड

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की इस योजना के अंतर्गत इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और उज्जैन में विभिन्न परियोजनाएं लागू की जाएंगी...और पढ़ें

By Sourabh SoniEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Sun, 12 Jul 2026 10:31:45 PM (IST)Updated Date: Sun, 12 Jul 2026 10:33:12 PM (IST)
अर्बन चैलेंज फंड से बदलेगी मध्य प्रदेश के छह शहरों की तस्वीर, उज्जैन के विकास के लिए आएगा टेंपल बॉन्ड
अर्बन चैलेंज फंड से बदलेगी मध्य प्रदेश के छह शहरों की तस्वीर(एआई फोटो)

HighLights

  1. प्रदेश के छह शहरों में 4,719.62 करोड़ रुपये की शहरी विकास परियोजनाएं
  2. सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए उज्जैन नगर निगम जारी करेगा टेंपल बॉन्ड
  3. जलापूर्ति, सीवरेज, अधोसंरचना और प्रमुख मंदिरों के विकास पर होगा बड़ा निवेश

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत 4,719.62 करोड़ रुपये की सहायता से इंदौर सहित छह बड़े शहरों में जल आपूर्ति, सीवरेज, आधुनिक शहरी परिवहन, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अधोसंरचना विकास के कार्य किए जाएंगे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की इस योजना के अंतर्गत इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और उज्जैन में विभिन्न परियोजनाएं लागू की जाएंगी।

यूसीएफ के तहत परियोजनाओं की लागत का 25 प्रतिशत केंद्र सरकार, 50 प्रतिशत संबंधित नगर निगम और शेष राशि बैंक ऋण अथवा म्युनिसिपल बॉन्ड जैसे बाजार स्रोतों से जुटाई जाएगी। इस फंड से अमृत-2 योजना के अधूरे प्रोजेक्ट भी पूरे किए जाएंगे। सभी परियोजनाओं की डीपीआर भारत सरकार को भेजी जाएगी।


इंदौर में जल आपूर्ति परियोजना की डीपीआर तैयार

इंदौर में 907.74 करोड़ रुपये की जल आपूर्ति परियोजना के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसमें 226.94 करोड़ रुपये यूसीएफ से मिलेंगे। वहीं 208 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना के लिए 52 करोड़ रुपये यूसीएफ से प्राप्त होंगे। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है।

ग्वालियर में 1,151.38 करोड़ रुपये की जल आपूर्ति परियोजना प्रस्तावित है, जिसमें 287.85 करोड़ रुपये यूसीएफ से मिलेंगे। 700 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना में 195 करोड़ रुपये यूसीएफ से दिए जाएंगे। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है।

जबलपुर में 328 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना के लिए 82 करोड़ रुपये और 20 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना के लिए पांच करोड़ रुपये यूसीएफ से मिलेंगे।

छिंदवाड़ा में 65 करोड़ रुपये की जल आपूर्ति परियोजना के लिए 16.38 करोड़ रुपये यूसीएफ से मिलेंगे। इसकी डीपीआर तैयार है।

रीवा में 99.86 करोड़ रुपये की जल आपूर्ति परियोजना के लिए 24.87 करोड़ रुपये यूसीएफ से दिए जाएंगे।

उज्जैन में शहर एवं मंदिर विकास के लिए 1,100 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें 275 करोड़ रुपये यूसीएफ से मिलेंगे। इसके अलावा नदी एवं उपचारित जल परियोजना के लिए 159 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है, जिसमें 39.75 करोड़ रुपये यूसीएफ से प्राप्त होंगे।

सिंहस्थ-2028 के लिए टेंपल बॉन्ड से जुटाई जाएगी राशि

वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए उज्जैन नगर निगम टेंपल बॉन्ड जारी करेगा। इसके माध्यम से लगभग 1,100 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। इस राशि का उपयोग मंदिरों, सड़कों, जलापूर्ति और सीवरेज जैसी अधोसंरचना के विकास में किया जाएगा।

टेंपल बॉन्ड के तहत नगर निगम निवेशकों से राशि उधार लेगा और बदले में उन्हें निश्चित ब्याज देगा। बॉन्ड जारी करने और टर्म लोन से जुड़ी वित्तीय जिम्मेदारी उज्जैन विकास प्राधिकरण निभाएगा। इसके बदले संबंधित मंदिरों से आनुपातिक राशि प्राप्त की जाएगी। यह राशि कमर्शियल दुकानों के मुद्रीकरण, पार्किंग शुल्क, प्रवेश एवं दर्शन शुल्क, विज्ञापन, व्यावसायिक आय, पार्किंग एवं सुविधा शुल्क, मंदिरों के दान और चढ़ावे से प्राप्त आय से जुटाई जाएगी। निवेशकों को मिलने वाला रिटर्न भी मंदिरों की आय से ही दिया जाएगा। बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी करने की योजना है।

इन मंदिरों के विकास पर होगा खर्च

टेंपल बॉन्ड और यूसीएफ से जुटाई गई राशि से सांदीपनि आश्रम पर 130 करोड़ रुपये, गढ़कालिका और सिद्धवट पर 15-15 करोड़ रुपये, मंगलनाथ मंदिर पर 120 करोड़ रुपये, भूखी माता मंदिर पर 80 करोड़ रुपये, कालभैरव और अंगारेश्वर महादेव मंदिर पर 100 करोड़ रुपये, मां बगलामुखी मंदिर पर 90 करोड़ रुपये तथा एकता मॉल एवं विराट रूप परियोजना पर 220 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

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