
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी की शिकायत करना एक परिवार को भारी पड़ गया। शिकायत से नाराज आरोपितों ने अपने साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता के घर पर धावा बोल दिया। महिलाओं को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, घर में जमकर तोड़फोड़ की और सीसीटीवी कैमरे तक तोड़ डाले।
हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद पुलिस ने तत्काल आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय केवल घायलों का मेडिकल कराया। बाद में जब पीड़ित परिवार ने क्षेत्रीय विधायक से शिकायत की, तब जाकर गुरूवार को प्रकरण दर्ज किया गया। कोलार पुलिस अब तक किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
पुलिस के अनुसार हिनौतिया आलम निवासी पार्वती अहिरवार ने 27 जुलाई को अपने पड़ोस में रहने वाले इरशाद और अफसर खान के खिलाफ कोलार थाने में गांजा बेचने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन तलाशी के दौरान कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस के लौटते ही इरशाद ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में आरोपित आटो से राड, लाठी और डंडे लेकर पहुंचे और सीधे घर पर हमला बोल दिया।
महिलाओं के साथ गाली-गलौज करते हुए उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। बीच-बचाव करने आए अन्य स्वजन भी हमले का शिकार बने। हमलावरों ने घर के बाहर रखे सामान को नुकसान पहुंचाया और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, ताकि घटना के सबूत मिटाए जा सकें। इस हमले में परिवार की पांच महिलाओं और युवतियों को चोटें आई हैं।
पीड़िता निशा अहिरवार का आरोप है कि घटना की जानकारी देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल एफआइआर दर्ज नहीं की। केवल मेडिकल परीक्षण कराकर मामले को टाल दिया गया।
इसके बाद परिवार ने स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी दी। विधायक के हस्तक्षेप के बाद कोलार पुलिस ने इरशाद, अफसर खान, तब्बू शाह और फरजाना के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़ और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया।