ट्रेन में तड़पता रहा युवक, रेलवे ने इलाज के लिए भेज दिए फर्स्ट ईयर के छात्र; समय पर इलाज न मिलने से थमी सांसें
ट्रेन संख्या 20103 में एक यात्री की मौत के बाद रेलवे की मेडिकल व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 12 Jun 2026 09:52:38 PM (IST)Updated Date: Fri, 12 Jun 2026 09:52:38 PM (IST)
20 वर्षीय युवक की मौत ( एआई फोटो)HighLights
- एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस में सफर के दौरान 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई
- यात्रियों ने वरिष्ठ मेडिकल सहायक के ट्रेन तक नहीं पहुंचने का आरोप लगाया
- घटना के बाद रेलवे की आपातकालीन मेडिकल व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गया
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) से गोरखपुर जा रही ट्रेन संख्या 20103 में एक यात्री की मौत के बाद रेलवे की मेडिकल व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि यात्री की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे समय पर पर्याप्त चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी, जिससे उसकी जान चली गई।
बुखार और कंपकंपी से बिगड़ी थी हालत
जानकारी के अनुसार, 20 वर्षीय नीरज कुमार एलटीटी से गोरखपुर की यात्रा कर रहे थे। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आ गया और शरीर में लगातार कंपकंपी होने लगी। हालत खराब होने पर यात्रियों ने रेलवे से तत्काल मेडिकल सहायता की मांग की।
वरिष्ठ कर्मचारी नहीं पहुंचे, छात्रों को भेजने का आरोप
यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन पर मौजूद वरिष्ठ मेडिकल सहायक खुद मरीज को देखने ट्रेन तक नहीं पहुंचे। उनकी जगह दो नर्सिंग छात्रों को भेज दिया गया, जो प्रथम वर्ष के विद्यार्थी बताए जा रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि मरीज की स्थिति गंभीर थी और ऐसे समय में अनुभवी मेडिकल स्टाफ का मौके पर पहुंचना जरूरी था।
समय पर इलाज मिलता तो बच सकती थी जान
प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों का कहना है कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा सहायता मिल जाती तो शायद यात्री की जान बचाई जा सकती थी। उनका आरोप है कि मेडिकल टीम की लापरवाही के कारण स्थिति और गंभीर होती गई।
रेलवे की आपातकालीन व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद रेलवे की इमरजेंसी मेडिकल व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में किसी भी मेडिकल आपात स्थिति के दौरान अनुभवी स्टाफ की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।