
नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। किसानों की हर समस्या का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिट्टी और पानी का संरक्षण इस प्रकार किया जाए कि खेती चिरस्थायी रूप से समृद्ध बनी रहे। किसान भाई प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, नई तकनीक अपनाने, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने में सहभागी बनें तथा उद्यानिकी फसलों के माध्यम से आय बढ़ाएं। क्योंकि खेती केवल किसान के परिवार का ही नहीं, बल्कि उद्योगों और रोजगार का भी आधार है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को रेणुका मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए कही।
इस दौरान उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से जिले के 188 गांवों के 8115 किसानों के खाते में 107 करोड़ 72 लाख 59 हजार रुपये की राहत राशि भी अंतरित की। ज्ञात हो कि मई और जून में बेमौसम वर्षा और तेज हवा के कारण किसानों की केला फसल बड़ी मात्रा में बर्बाद हो गई थी। किसान लंबे समय से मुआवजा राशि देने की मांग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री उज्जैन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और जब तक किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान नहीं लौट आती, तब तक सरकार चैन से बैठने वाली नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर प्रदेश का महत्वपूर्ण कृषि जिला है। जहां विविध प्रकार की फसलों का उत्पादन होता है तथा केले की खेती ने जिले को विशेष पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि ताप्ती मैया के आशीर्वाद से बुरहानपुर उद्यानिकी फसलों के लिए प्रसिद्ध है।
केले के रेशे से तैयार हो रहे वस्त्र और अन्य उत्पाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-विदेश में नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि कपास पर मंडी शुल्क कम करने का निर्णय किसानों के हित में लिया गया है।
धार में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क का लाभ भी बुरहानपुर के किसानों और वस्त्र उद्योग को मिलेगा। हर खेत तक पानी पहुंचाना सरकार का संकल्प है। वे जल्द ही बुरहानपुर आकर किसानों से प्रत्यक्ष संवाद करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि इस बार कलेक्टर हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में फसल नुकसानी का सर्वे पारदर्शी तरीके से किया गया है। जिसके कारण किसानों को अधिकतम मुआवजा राशि मिल सकी है।
उन्होंने कहा कि किसानों की नुकसानी की पूरी भरपाई तो केवल भगवान ही कर सकता है, लेकिन भाजपा सरकार काफी हद तक उनको हुए नुकसान की पूर्ति करने का प्रयास करती है। विधायक अर्चना चिटनिस ने केले के रेशे से निर्मित राखी भेंट करने की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री ने इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे बुरहानपुर की पहचान और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने वाला प्रयास बताया। उन्होंने बताया कि जिले के लगभग एक लाख 65 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में से करीब 40 हजार हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन होता है।
बलराम कृषि महोत्सव में कृषि विज्ञानियों और विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, मिट्टी की उर्वरता, जल संरक्षण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी। विभिन्न शासकीय विभागों एवं कृषि यंत्र कंपनियों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल किसानों के आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम में उन्नतशील किसानों का सम्मान भी किया गया तथा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट भी वर्चुअल रूप से जुड़े। इस दौरान कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज माने, महापौर माधुरी पटेल सहित अन्य जन प्रतिनिधि व किसान उपस्थित थे।