नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार बुधवार को मानसून ने दस्तक दे दी है। सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुआ झमाझम वर्षा का क्रम दोपहर तीन बजे तक जारी रहा। करीब चार घंटे की तेज वर्षा ने जहां मौसम में ठंडक घोल दी, वहीं शहर के आधा दर्जन से ज्यादा क्षेत्रों की सड़कें जलमग्न नजर आईं। जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
(शनवारा चौराहे के नाले से निकाली गईं चोक करने वाली पालीथिन।)
शहर की इन सड़कों पर जलभराव की स्थिति
शहर की जिन सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी है, उनमें लोहारमंडी, हरीरपुरा, मोमिनपुरा, पाला बाजार, सिंधीपुरा, रोशन चौक, खानका वार्ड आदि शामिल हैं। लोहारमंडी में तो तालाब बनी सड़क पर बच्चे अठखेलियां और स्नान करते भी देखे गए। इस साल पहली बार खानका वार्ड में भी पानी भरा है। इससे पहले वहां सड़क जलमग्न नहीं होती थी।
(पाला बाजार क्षेत्र की सड़क पर घुटनों तक भरा बरसात का पानी।)
नालों के चैनलाइजेशन पर सवाल
नगर निगम ने हाल ही में करीब आठ करोड़ रुपये खर्च कर तीन प्रमुख नालों को अंडरग्राउंड सीसी बनवाया है। सड़कों के जलमग्न होने पर लोग नालों के चैनलाइजेशन पर भी सवाल उठा रहे हैं। हालांकि निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव का कहना है कि जिन क्षेत्रों में नाले अंडरग्राउंड किए गए हैं, वहां पानी भरने की समस्या नहीं आई है।
शिकारपुरा के कड़वीशा नाला, सिंधीपुरा नाला और शनवारा नाला इनमें शामिल थे। शनवारा चौराहे में कुछ देर के लिए पानी भरने का कारण दुकानदारों द्वारा नाले में फेंकी गई पालीथिन थी। उनके जाली में फंसने से यह स्थिति बनी थी, लेकिन नगर निगम की टीम ने कुछ देर में ही पालीथिन निकाल दी थी, जिसके बाद चौराहा खाली हो गया था।
(लोहार मंडी क्षेत्र में सड़क पर भरे पानी में अठखेलियां करते बच्चे।)
बहादरपुर का शहर से कटा संपर्क
महाराष्ट्र के रावेर सहित अन्य शहरों के साथ ही जिले के बहादरपुर, लोनी, बिरोदा आदि गांवों को शहर से जोड़ने वाले रावेर मार्ग पर मौजूद टैक्समो पुलिया पर चार फीट से ज्यादा पानी आ गया था। जिसके कारण इन गांवों का संपर्क करीब पांच घंटे तक कटा रहा और लोग पानी उतरने का इंतजार करते रहे। दरअसल इस बरसाती नाले में पहाड़ों का पानी उतर कर आता है। पुलिया की ऊंचाई कम होने के कारण हर साल तेेज वर्षा के दौरान यह स्थिति बनती है।
(महाराष्ट्र के रावेर जाने वाले मार्ग की पुलिया के ऊपर से बहता पानी।)
खेती किसानी के काम शुरू होंगे
जिले में हुई झमाझम वर्षा के बाद सूखे खेतों की प्यास भी बुझ गई है। लिहाजा वर्षा थमते ही खेती किसानी के काम शुरू हो जाएंगे। ज्ञात हो कि इस साल पूरे जून माह में तेज वर्षा नहीं हुई। प्री-मानसून के दौरान तेज हवाओं ने केला फसल को जरूर नुकसान पहुंचाया था, लेकिन वर्षा हल्की और कुछ देर ही हुई थी। जिसके कारण किसान खेतों को तैयार नहीं कर पा रहे थे।
जहां नालों को अंडरग्राउंड किया गया है, वहां पानी नहीं भरा है। अन्य स्थानों पर दुकानदारों के अतिक्रमण व अन्य कारणों से सड़कों पर पानी आया है। जल्द ऐसे अतिक्रमण तोड़ कर नाले साफ कराएंगे। नाला चैनलाइजेशन का शेष काम भी जल्द पूरा होगा। कई जगह पालीथिन भी नाला चोक होने का कारण बन रही है।
- संदीप श्रीवास्तव, आयुक्त नगर निगम।