नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। अपराधी चाहे जितनी चालाकी दिखाए, पुलिस उस तक पहुंच ही जाती है। कुछ ऐसा ही दिलचस्प मामला शाहपुर थाना क्षेत्र में सामने आया है। हत्या का आरोपित मगन बारेला हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बीते 24 साल से फरार था।
वह मिथुन बन कर रह रहा था और लगातार ठिकाने बदलता रहता था। गत दिनों हाईकोर्ट से फिर वारंट जारी होने के बाद शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने उसकी तलाश के लिए टीम गठित की थी।
उसने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मगन उर्फ मिथुन को खंडवा जिले के मलगांव से गिरफ्तार कर लिया। वह गांव के रघुनाथ पटेल के खेत में मजदूरी कर रहा था।
पकड़े जाने के बाद भी वह खुद को मिथुन बता रहा था, लेकिन उसके हाथ में गुदे मगन नाम के टैटू के कारण पकड़ा गया।
न्यायालय ने सुनाई थी उम्र कैद की सजा
पुलिस ने बताया एक जनवरी 1999 को शाहपुर क्षेत्र के ग्राम फोपनार स्थित नदी के किनारे एक व्यक्ति की हत्या की गई थी।
पुलिस ने कनु बारेला निवासी तिन्छा जिला खरगोन की शिकायत पर रेल सिंह उर्फ विशाल और मगन उर्फ मिथुन के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया था।
सत्र न्यायालय बुरहानपुर ने दोनों को उम्र कैद की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया था। वर्ष 2002 में हाईकोर्ट जबलपुर ने दोनों को जमानत पर छोड़ दिया था।
इस दौरान रेलसिंह की मौत हो गई, जबकि मगन घर छोड़ कर लापता हो गया था। तब से कई बार उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुए, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से बचता रहा। अब जाकर उसे गिरफ्तार किया जा सका है।
दस हजार रुपये का इनाम था घोषित
लंबे समय से फरार चल रहे मगन उर्फ मिथुन की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ने दस हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। एसपी देवेंद्र पाटीदार ने इस बार शाहपुर थाना प्रभारी को फरार आरोपितों की हर हाल में गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। जिसके चलते पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछाया था। इसमें सफलता भी मिली। आरोपित ने बाद में स्वीकार कर लिया कि वही मगन है। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक गणेश पाटिल, मुकेश मोरे, आरक्षक सतीष रावत और सोहन सेजकर की महत्वपूर्ण भूमिका थी।