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पन्ना टाइगर रिजर्व में अतिक्रमण कर बनाए रिसॉर्ट में बंदूकधारी तैनात, कुछ दिन पहले चली थीं गोलियां, चीतल का हुआ था शिकार

छतरपुर जिले के राजगढ़ गांव स्थित खसरा नंबर 1841 की लगभग पांच एकड़ भूमि पर बने जिस आलीशान रिसॉर्ट के अतिक्रमण का मामला चर्चा में है, वहां बंदूकधारी निज...और पढ़ें

By SanjayKumar SharmaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Thu, 30 Jul 2026 05:28:38 PM (IST)Updated Date: Thu, 30 Jul 2026 05:28:38 PM (IST)
पन्ना टाइगर रिजर्व में अतिक्रमण कर बनाए रिसॉर्ट में बंदूकधारी तैनात, कुछ दिन पहले चली थीं गोलियां, चीतल का हुआ था शिकार
पन्ना टाइगर रिजर्व में अवैध रिसॉर्ट का मामला गर्माया।

HighLights

  1. पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में कथित अवैध रिसॉर्ट
  2. पन्ना टाइगर रिजर्व में अवैध रिसॉर्ट का मामला गर्माया
  3. वन विभाग के अवैध घोषित रिसॉर्ट पर कार्रवाई अधर में

संजय कुमार शर्मा, नईदुनिया, पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में कथित अवैध रिसॉर्ट और उसके आसपास की गतिविधियों ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छतरपुर जिले के राजगढ़ गांव स्थित खसरा नंबर 1841 की लगभग पांच एकड़ भूमि पर बने जिस आलीशान रिसॉर्ट के अतिक्रमण का मामला चर्चा में है, वहां बंदूकधारी निजी गार्डों की तैनाती सामने आई है।

यह वही रिसॉर्ट है, जिसे वन विभाग ने अवैध घोषित किया है, लेकिन अब तक इसके विरुद्ध कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। यह रिसॉर्ट वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी बी. श्रीनिवास कुमार और उनकी पत्नी हिमानी सरद द्वारा निर्मित कराया गया है।


कोर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

जानकारी के अनुसार, रिसॉर्ट से कुछ ही दूरी पर लगभग 15 दिन पहले पन्ना टाइगर रिजर्व के चंद्रनगर कोर क्षेत्र में शिकारियों ने गोली मारकर एक चीतल का शिकार कर लिया था। इस घटना ने कोर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जहां वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, वहां निजी बंदूकधारियों की मौजूदगी और हालिया शिकार की घटना चिंता का विषय है।

बाघ पुनर्वास का इतिहास और वर्तमान स्थिति

पन्ना टाइगर रिजर्व में 2002 में 30 से अधिक बाघ थे, लेकिन शिकार और निगरानी की कमी के कारण वर्ष 2008 तक उनकी संख्या घटकर 18 रह गई। वर्ष 2009 की शुरुआत में यह टाइगर रिजर्व बाघविहीन हो गया। इसके बाद वन विभाग, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयासों से बाघों को पुनः बसाया गया। वर्तमान में यहां 80 से अधिक बाघ हैं।

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वन्यजीव कार्यकर्ता का पक्ष

वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे का कहना है कि कोर क्षेत्र में हथियार रखना अवैध है और पन्ना टाइगर रिजर्व में जो लोग हथियार के साथ रह रहे हैं उन्हें पुलिस और प्रशासन की कोई स्वीकृति प्राप्त नहीं है।