छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड: ‘24 बच्चों की जान गई, फिर भी डॉक्टर आजाद क्यों?’ परिजनों ने CM से लगाई गुहार
विषाक्त कफ सीरप कोल्ड्रिफ के सेवन से 24 बच्चों की मौत के मामले में स्वजन की नाराजगी बढ़ती जा रही है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 01 Mar 2026 02:00:27 AM (IST)Updated Date: Sun, 01 Mar 2026 02:00:27 AM (IST)
कोल्ड्रिफ कफ सीरप मामला।HighLights
- कोल्ड्रिफ कफ सीरप मामला।
- 24 बच्चों की मौत पर बढ़ा गुस्सा।
- डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग।
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। विषाक्त कफ सीरप कोल्ड्रिफ के सेवन से 24 बच्चों की मौत के मामले में स्वजन की नाराजगी बढ़ती जा रही है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है, दोषियों पर पूरी कार्रवाई अब तक नहीं हुई।
स्वजन का कहना है कि बच्चों को यह कफ सीरप लिखने वाले दो डाक्टरों डॉ. अमन सिद्दकी और डॉ. अमित ठाकुर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस को पर्याप्त सबूत सौंपे गए हैं, इसके बावजूद दोनों डाक्टरों के क्लीनिक खुलेआम चल रहे हैं।
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
शनिवार को पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम परासिया एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। कार्रवाई न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
पीड़ित परिवारों ने पहले 17 फरवरी को परासिया थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी थी। तब प्रशासनिक अधिकारियों ने 15 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन कार्रवाई न होने से उन्होंने फिर नाराजगी जताई है।
पीड़ित परिवारों का दर्द और सख्त सजा की मांग
मृतक बच्चे के पिता सुरेश पिपरे ने कहा कि बेटे की मौत से उनका परिवार पूरी तरह टूट चुका है, वहीं नीलेश सूर्यवंशी ने भी मांग की है कि जिन डॉक्टरों ने यह दवा लिखी है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
एसआइटी अब तक इस मामले में श्रीसन कंपनी के डायरेक्टर जी रंगनाथन व चिकित्सक प्रवीण सोनी समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, सभी आरोपित जेल में हैं।
बारीकी से चल रही है जांच
मामले की जांच बहुत बारीकी से की गई है। जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उसके आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है। -जितेंद्र जाट, एसडीओपी, परासिया