MP कफ सीरप मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, 13 गिरफ्तार; 4500 पन्नों की चार्जशीट में खुला लापरवाही का राज
एसआईटी द्वारा करीब साढ़े चार हजार पेज की चार्जशीट अदालत में पेश किए जाने के बाद अब पीड़ित बच्चों के स्वजन को आरोपितों को सजा मिलने का इंतजार है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 08 Mar 2026 07:51:11 PM (IST)Updated Date: Sun, 08 Mar 2026 07:51:11 PM (IST)
कफ सीरप मामले में SIT की बड़ी कार्रवाईHighLights
- विषाक्त कोल्ड्रिफ कफ सीरप मामले में अब तक 13 आरोपित गिरफ्तार
- एसआईटी ने करीब 4500 पेज की चार्जशीट अदालत में पेश की
- छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल में 26 बच्चों की हुई थी मौत
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के चर्चित विषाक्त कोल्ड्रिफ कफ सीरप मामले में एसआईटी द्वारा करीब साढ़े चार हजार पेज की चार्जशीट अदालत में पेश किए जाने के बाद अब पीड़ित बच्चों के स्वजन को आरोपितों को सजा मिलने का इंतजार है। इस मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से 11 आरोपित पिछले छह महीने से जेल में हैं।
शनिवार को परासिया के दो डॉक्टरों डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. एसएस ठाकुर को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि चिकित्सक एसएस ठाकुर के इलाज के दौरान बैतूल जिले के गारादेही निवासी एक बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि डॉ. अमन सिद्दीकी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
जांच में सामने आया है कि लैब रिपोर्ट में कफ सीरप में डीईजी (डाइएथिलीन ग्लाइकॉल) की मात्रा अधिक पाई गई, जिसके कारण बच्चों की मौत हुई। इस मामले में छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल जिलों में कुल 26 बच्चों की मौत हुई थी, जबकि छह बच्चे बीमार होने के बाद स्वस्थ हो गए, हालांकि उनका इलाज अब भी जारी है।
सितंबर 2025 से शुरू हुई थीं मौतें
जानकारी के अनुसार, विषाक्त कफ सीरप के सेवन के बाद सितंबर 2025 से बच्चों की मौतें शुरू हो गई थीं। बाद में चार अक्टूबर 2025 को परासिया के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर की शिकायत पर मामला दर्ज कर एसआईटी का गठन किया गया था।
किडनी फेल होने से हुई बच्चों की मौत
जांच में सामने आया है कि किडनी फेल होने के कारण छिंदवाड़ा जिले के 21, पांढुर्णा के दो और बैतूल जिले के तीन बच्चों की मौत हुई। अगस्त 2025 के अंतिम सप्ताह से बीमार बच्चे परासिया के आरोपी चिकित्सक डॉ. प्रवीण सोनी के पास पहुंचने लगे थे, जिनमें किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं पाई गईं।
11 सितंबर 2025 को वेदांश पवार नामक बच्चा गंभीर किडनी रोग की स्थिति में नागपुर के डॉ. प्रवीण खापेकर के पास पहुंचा था।
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