
नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। दमोह के फुटेरा वार्ड तीन में एक शिक्षक के मकान के पिलर की खुदाई के दौरान चांदी के 42 सिक्के मिलने से हंगामा खड़ा हो गया। मजदूरों को यह सिक्के मिले थे, उन्होंने दावा किया कि 35 किलो से अधिक चांदी के सिक्के थे, जिसे बाल्टी में भरकर मकान मालिक ले गए थे। उन्हें हिस्सा नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।
घटना शनिवार दोपहर की है, रात में पुलिस को सूचना मिली और रविवार दोपहर पुलिस मौके पर पहुंची। जिसके बाद मामले में जांच शुरू की गई। इसके बाद मजिस्ट्रियल जांच के लिए दो तहसीलदार भी पहुंचे और पुरातत्व विभाग की टीम भी पहुंची है। यह ब्रिटिश कालीन सिक्के हैं, जिस पर महारानी विक्टोरिया की तस्वीर भी बनी है।
प्रशासन के द्वारा चांदी के सिक्कों को जब्त कर लिया गया है और मामले में जांच शुरू कर दी गई है। फुटेरा वार्ड क्रमांक 3 में रहने वाले शासकीय शिक्षक आलोक सोनी के पैतृक मकान निर्माण के दौरान पिलर की खुदाई चल रही थी, जिसमें यह चांदी के सिक्के निकले थे।
हथना गांव के मजदूर हीरा पटेल ने बताया कि शनिवार की दोपहर हम खुदाई कर रहे थे। जिसमें पहले एक पीतल का कलश निकला, जिसमें चांदी का एक सिक्का था। जब हम लोगों ने और खुदाई की तो मिट्टी से चांदी के बहुत सारे सिक्के और कुछ चांदी की रॉड निकली। हम लोगों ने घर के मालिक को सूचना दी तो मालिक ने कहा कि और खुदाई करो। हम लोगों ने और खोदा।
इसके बाद मकान मालिक ने एक बाल्टी में भरकर यह सभी सिक्के अंदर रख लिए। हम लोगों ने अपना हिस्सा मांगा तो हम लोगों को 500 रुपए दिए और भगा दिया। पूरे सिक्के मकान मालिक ने अपने पास रख लिए थे। इसके बाद वह गांव पहुंचे और गांव के पूर्व सरपंच मुरारी तिवारी को मामले की जानकारी दी। मजदूर इतनी सारी चांदी देखकर घबरा रहे थे। सरपंच ने तत्काल ही पुलिस को सूचना दी, जिससे पुलिस की मामले में जानकारी लगी।
मकान मालिक आलोक सोनी का कहना है कि यह हमारा पैतृक मकान है। मजदूरों को शनिवार दोपहर एक कलश मिला, जिसमें एक सिक्का निकला। कुछ और खुदाई करने पर चांदी के 42 सिक्के निकले थे। इसके बाद मजदूर मुझ पर दबाव बनाने के उद्देश्य से अपने गांव चले गए और 35 किलो चांदी के सिक्के निकलने की झूठी बात कह रहे हैं।
सूचना मिलने के बाद कोतवाली टीआई मनीष कुमार, नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी, तहसीलदार रोबिन सिंह, पुरातत्व विभाग की ओर से शुभम अर्जरिया मौके पर पहुंचे। जिस पिलर के गड्ढे में यह खुदाई हुई थी, उस गड्ढे का निरीक्षण किया गया। इसके बाद मकान मालिक आलोक सोनी के पास से सिक्के बरामद किए गए। इसके अलावा एक और सामने घर बना हुआ था, वहां स्टील के डिब्बे में कुछ सिक्के छुपा कर रखे गए थे। यह सभी सिक्के बरामद किए गए।
कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि फुटेरा वार्ड तीन में सूचना मिली थी कि मकान निर्माण के दौरान मजदूरों को खुदाई करते समय पीतल का पाट मिला। आज सुबह आलोक सोनी नाम के युवक कोतवाली पहुंचे, उन्होंने बताया कि पीतल का बर्तन मिला है, जिसमें चांदी के कुछ सिक्के मिले हैं। सूचना मिलने के बाद हम मौके पर पहुंचे और मजदूरों को भी यहां बुलाया गया। मामले की सूचना कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है।
अभी मकान मालिक आलोक सोनी के पास से 42 चांदी के सिक्के बरामद किए गए हैं। हालांकि मजदूरों का कहना है कि सिक्के एक बाल्टी में भरे गए थे और सिक्कों की संख्या बहुत अधिक है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और इन सिक्कों को बरामद कर लिया गया है। मामले में जांच की जा रही है।
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आर्किटेक्चरल सर्वे ऑफ इंडिया के संरक्षण सहायक शुभम झरिया भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जो सिक्के प्राप्त हुए हैं, यह ब्रिटिश कालीन सिक्के हैं, जो 18वीं से 19वीं शताब्दी के हैं। इन सिक्कों पर महारानी विक्टोरिया और जॉर्ज पंचम की तस्वीर बनी हुई है। सिक्कों की कीमत क्या है, यह तो नहीं पता चल सकता, जिसकी सूचना जबलपुर के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और अधिकारी ही जांच करेंगे।
चांदी के सिक्के मिलने की जानकारी लगने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। सैकड़ों की संख्या में लोग उस जगह पहुंचे हैं, जहां खुदाई के दौरान यह सिक्के मिले हैं। शिक्षक का कहना है कि 42 सिक्के हैं, जबकि मजदूरों का कहना है कि 35 किलो से अधिक चांदी के सिक्के खुदाई के दौरान मिले थे, जिसे एक बड़ी बाल्टी में भरकर शिक्षक अपने घर के अंदर ले गए थे।