दमोह में इतिहास रचा... आजादी के 78 साल बाद घोड़े पर निकला दलित दूल्हा, हाथ में थामी संविधान की किताब
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पटेरा तहसील के कुआंखेड़ा गांव में आजादी के बाद पहली बार यहां बंसल समाज का दूल्हा घोड़े पर चढ़ा। दूल्हा नंदू बंसल की बरात ग ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 05 Feb 2026 10:43:43 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Feb 2026 10:43:43 PM (IST)
आजादी के 78 साल बाद घोड़े पर निकला दलित दूल्हा, AI generatedHighLights
- कुआंखेड़ा में आजादी के बाद पहली बार घोड़े पर चढ़ा बंसल समाज का दूल्हा
- दूल्हे ने हाथ में संविधान की किताब लेकर गांव में निकाली अपनी बरात
- प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी से शांत रहा गांव; नहीं हुआ कोई विवाद
नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पटेरा तहसील के कुआंखेड़ा गांव में आजादी के बाद पहली बार यहां बंसल समाज का दूल्हा घोड़े पर चढ़ा। दूल्हा नंदू बंसल की बरात गुरुवार को पूरे गांव में बैंडबाजे की धुन पर निकली। इस दौरान दूल्हे ने अपने हाथ में भारत के संविधान की किताब थाम रखी थी। बंसल समाज के लोगों को आशंका थी कि गांव के दबंग बरात के दौरान विवाद कर सकते हैं। इसकी सूचना प्रशासन को दी गई थी। गांव में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के कारण कोई विवाद नहीं हुआ।
सुरक्षा के लिए एसपी को सौंपा था आवेदन
बंसल समाज के लोगों व एससी महासभा ने बुधवार को एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को आवेदन दिया था। उन्होंने मांग की थी कि वह गुरुवार को नंदू की शादी में बरात घोड़े पर निकालना चाहते हैं। उन्हें आशंका थी कि गांव के दबंग विवाद कर सकते हैं। एसपी ने हटा थाना पुलिस को शांति व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।