
नईदुनिया प्रतिनिधि, दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव उसे समय अचंभित में आ गए जब शहर भ्रमण के दौरान उन्होंने शासकीय बालक छात्रावास किल्लाई नाका जाकर औचक निरीक्षण किया। छात्रों ने बताया कि उन्हें नाश्ते में एक समोसा मिलता है। तो वह अचरज में आ गए कि इतने बड़े-बड़े बच्चों को एक समोसे में क्या होगा। इतना ही नहीं उन्हें पीने के पानी की जो व्यवस्था की गई है उसमें भी कीड़े नजर आ रहे थे।
इस बात को लेकर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग की अदिति शांडिल्य को भी फटकार लगाते हुए कार्रवाई किए जाने की बात कही।
कलेक्टर द्वारा निरीक्षण के दौरान छात्रावास में देखा गया कि ना तो छात्रों के लिए किसी भी प्रकार की पढ़ाई हेतु केवल कुर्सी की व्यवस्था है और ना ही इतनी भीषण गर्मी में पंखे के अलावा अन्य कोई साधन नहींं। जब वह भोजन कक्ष में गए तो टेबिल कुर्सी पर काफी मात्रा में धूल नजर आई।
इस पर भी उन्होंने फटकार लगाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। जब उन्होंने छात्रों से पानी एवं अन्य सुविधाओं की बात पूछी तो छात्रों ने बताया कि आरो में कीड़े पड़े रहते हैंं, उसकी कभी सफाई भी नहीं होती।
अधीक्षक छात्रावास में कभी नहीं रहते सिर्फ चौकीदार के भरोसे छात्रावास का संचालन किया जा रहा है। इतना ही नहीं बारिश में तीन-तीन फीट पानी भर जाने की भी शिकायत इन छात्रों द्वारा की गई। जब इस मामले में छात्रावास अधीक्षक को बुलाते हुए पूछा तो वह भी गोल-गोल जवाब देते हुए नजर आए।
कलेक्टर द्वारा आदिम जाति कल्याण विभाग की संयोजक अदिति शांडिल्य को फोन लगाकर कहां कि आपके द्वारा भी छात्रावासों का निरीक्षण नहीं किया जाता है यदि आपके द्वारा निरीक्षण किया जाता तो इस प्रकार की स्थितियां निर्मित नहीं होती। उन्होंने तत्काल ही स्थिति सुधारने के निर्देश दिए अन्यथा कहा कि आपके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।