
नईदुनिया न्यूज, हटा। करंट लगने से गंभीर रूप से घायल युवक को दमोह ले जा रहे एक निजी एंबुलेंस चालक पर पैसे को लेकर बीच रास्ते मरीज को छोड़कर भागने का आरोप लगा है। घटना के बाद स्वजनों ने किसी तरह दूसरी व्यवस्था कर मरीज को जिला अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी अनुसार ग्राम पांजी निवासी अक्षु पटेल पिता मुकेश पटेल करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस हो गए थे। स्वजन उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल हटा लेकर पहुंचे जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाॅक्टरों ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल दमोह रेफर कर दिया।
मरीज को लेकर एंबुलेंस रवाना हुई लेकिन सिविल अस्पताल से कुछ दूरी पर शहर के एक पेट्रोल पंप पर चालक ने वाहन रोक दिया। स्वजनों का आरोप है कि चालक ने पेट्रोल भरवाने के लिए तत्काल पैसे मांगे। उस समय उनके पास केवल 400 रुपये थे जो उन्होंने चालक को दे दिए और शेष राशि दमोह पहुंचकर देने की बात कही।
आरोप है कि चालक पूरी रकम देने की बात पर अड़ गया और गंभीर मरीज को पेट्रोल पंप पर ही छोड़कर एंबुलेंस लेकर चला गया। मरीज को बीच रास्ते छोड़ दिए जाने से स्वजन घबरा गए। बाद में उन्होंने दूसरी व्यवस्था कर युवक को दमोह रवाना किया।
स्वजनों का कहना है कि आपात स्थिति में तत्काल पूरी राशि जुटा पाना संभव नहीं था इसके बावजूद चालक का व्यवहार अमानवीय रहा। इस घटना के बाद निजी एंबुलेंस सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे है। लोगों का कहना है कि इमरजेंसी में मरीजों से इस तरह का व्यवहार गंभीर लापरवाही है जिससे किसी की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
इस मामले में हटा सिविल अस्पताल बीएमओ डा. उमाशंकर पटेल ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने सीएमएचओ को पत्र लिखकर मामले की जांच और संबंधित निजी एंबुलेंस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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