
नईदुनिया न्यूज, तेंदूखेड़ा । क्षेत्र के ग्राम झलोन स्थित अरहम पेट्रोल पंप के मैनेजर रूपेश जैन का शव रविवार रात एक कुएं में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को कुएं से बाहर निकाला गया। स्वजनों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है तथा तेंदूखेड़ा और दमोह में पोस्टमार्टम कराने पर आपत्ति दर्ज कराई।
स्वजनों का कहना था कि निष्पक्ष जांच के लिए पोस्टमार्टम सागर में कराया जाए। काफी देर तक चली चर्चा के बाद एसडीएम सीजी गोस्वामी, एसडीओपी अर्चना अहीर और अन्य अधिकारियों की सहमति से शव को पीएम के लिए सागर भेजा गया।
तलाश के दौरान उनके कमरे से एक मोबाइल फोन और एक पत्र मिला था, इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। रविवार रात करीब आठ बजे कुछ ग्रामीण पानी भरने के लिए गांव के कुएं पर पहुंचे, इसी दौरान उन्हें कुएं में एक शव दिखाई दिया।
सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई, पहचान करने पर शव रूपेश जैन का निकला। धनेटा निवासी लालू यादव जो वर्तमान में झलोन में रहते है ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ पानी भरने गए थे। टार्च की रोशनी में देखने पर कुएं में शव दिखाई दिया जिसके बाद पुलिस और स्वजनों को सूचना दी गई।
स्वजनों के अनुसार रूपेश जैन पेट्रोल पंप के साथ-साथ भारतीय स्टेट बैंक की ग्राहक सेवा केंद्र कियोस्क बैंक भी संचालित करते थे, उनका आरोप है कि पेट्रोल पंप मालिक ने रूपेश पर 10 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया था। स्वजनों का दावा है कि रूपेश द्वारा छोड़े गए पत्र में लिखा है कि उन्होंने समस्त राशि जमा कर दी थी और उनके पास कोई पैसा नहीं था फिर भी उन पर आरोप लगाए जा रहे थे।
मृतक के भाई दीपेश जैन ने आरोप लगाया कि दमोह में प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण निष्पक्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने की संभावना कम है इसलिए उन्होंने सागर में पीएम कराने की मांग की।
सरपंच प्रतिनिधि चक्रेश जैन ने कहा कि रूपेश एक संपन्न परिवार से था और 10 लाख रुपये उसके लिए कोई बड़ी रकम नहीं थी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरों में बदलाव किए जाने की जानकारी मिली है जिसकी जांच होनी चाहिए।
जिस कुएं में शव मिला है उस पर भी स्वजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जिस कुएं में शव मिला उसका पानी पूरे गांव में उपयोग किया जाता है। रविवार सुबह से शाम तक लोग उसी कुएं से पानी भरते रहे लेकिन किसी को शव दिखाई नहीं दिया। शाम करीब आठ बजे अचानक शव का दिखाई देना कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना आहिर ने बताया स्वजनों की माग की थी सागर में पोस्टमार्टम कराया जाये, वरिष्ठ अधिकारियों के सूचना दी उनके निर्देश पर शव पीएम हेतु सागर भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी, साथ ही जो आरोप स्वजनों ने लगाये है, सभी की बारीकी से पूरी निष्पक्षता के साथ कराई जाएगी।
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