
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। कांग्रेस नेता अवधेश नायक को लेकर पिछले एक सप्ताह से चल रही अटकलों पर शनिवार को विराम लग गया। टिकट न मिलने से रूठे बैठे अवधेश नायक आखिरकार मान गए। शुक्रवार रात उन्हें मनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री मुकेश नायक दतिया पहुंचे।
दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई। चर्चा यह भी है कि अवधेश नायक से पार्टी ने वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव या 2027 के नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में टिकट का वादा किया है।
इस तरह से जहां कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल में सफलता पाई, वहीं भाजपा के हाथ से नायक को अपने खेमे में शामिल करने की बाजी फिलहाल फिसल गई।
दरअसल दतिया विधानसभा क्षेत्र में 32 हजार से अधिक ब्राह्मण मतदाता हैं। ऐसे में नायक का रूठना कांग्रेस के लिए नुकसानदायक था। भाजपा ने भी उन्हें अपने साथ लाने की भरपूर कोशिश की।
12 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी उनके घर पहुंचे लेकिन नायक की बेरुखी बनी रही, तो 13 जुलाई को भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने उनसे मुलाकात की, जिसके बाद नायक के तेवर बदले।
भाजपा के मंत्री राकेश शुक्ला से मुलाकात के बाद नायक के भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हुईं, लेकिन उन्होंने संतुलित बयान दिया कि वह भाजपा में नहीं जाएंगे।
17 जुलाई को मुकेश नायक की समझाइश के बाद, अवधेश नायक ने पहली बार कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह का चुनाव प्रचार किया।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने दतिया जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक ली। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क कर भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाने का आह्वान किया।
वहीं दतिया विधानसभा के दूरस्थ क्षेत्र बसई में भी राजनीतिक दलों की जोर आजमाइश शुरू हो गई है। मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पीछोर विधायक प्रीतम सिंह के साथ रणवीर रावत करैरा ने भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक ली।
इसके बाद तीनों नेता सांकुली पहुंचे और लोधी समाज के लोगों से चर्चा की। कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी व पूर्व मंत्री जयवर्द्धन सिंह भी बसई में कार्यकर्ता बैठक ले चुके हैं।