
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा ने दिग्गज नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को तगड़ा झटका दे दिया। पार्टी ने उनकी दावेदारी की प्रबल संभावना को दरकिनार करते हुए शुक्रवार को आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
दतिया से तीन बार के विधायक रहे नरोत्तम मिश्रा टिकट के प्रति इतने आश्वस्त थे कि उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था। 13 जुलाई को वह नामांकन पत्र दाखिल करने की तैयारी में थे। जनसंपर्क भी शुरू कर दिया था। दतिया में 30 जुलाई को मतदान होना है और चार अगस्त को परिणाम आएंगे।
प्रदेश भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा का नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था, लेकिन सर्वे आदि का हवाला देकर पार्टी ने आशुतोष पर दांव लगाया। आशुतोष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि के हैं। भोपाल और सागर संभाग के संगठन मंत्री रहे हैं। भाजपा की पिछली सरकार में वह मध्य प्रदेश गृह निर्माण मंडल में अध्यक्ष भी रहे।
दतिया जिले के भांडेर तहसील के पिपरौआकलां निवासी आशुतोष की परिवारिक पृष्ठभूमि कृषि और ग्रामीण परिवेश से जुड़ी है। आशुतोष को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का समर्थक माना जाता है।
बता दें, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया से कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हरा दिया था, लेकिन आर्थिक भ्रष्टाचार के एक मामले में दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी सदस्यता खत्म कर दी गई थी और उपचुनाव की घोषणा हुई थी। कांग्रेस ने दतिया से फिलहाल प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
आशुतोष तिवारी ने टिकट दिए जाने पर भोपाल में पार्टी के प्रति आभार जताया। मीडिया के नरोत्तम मिश्रा से मदद संबंधी प्रश्न पर कहा कि उनसे सहयोग स्वाभाविक है। वे पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। हमारे अभिभावक हैं।
दतिया सीट से नरोत्तम मिश्रा लगातार तीन बार 2008, 2013 और 2018 विधायक चुने गए थे। साल 2008 के परिसीमन में जब उनकी पुरानी सीट डबरा एससी के लिए आरक्षित हो गई, तब उन्होंने दतिया का रुख किया था। वह छह बार विधायक चुने जा चुके हैं और मध्य प्रदेश सरकार में गृह, कानून व जेल मंत्री जैसे कई बड़े पदों पर रहे हैं।