• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • ए आई बूटकैंप
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • दतिया

18 साल बाद फिर दतिया के रण में घनश्याम सिंह, कांग्रेस ने पूर्व सांसद के बेटे को दिया टिकट, दिलचस्प हुआ मुकाबला

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पूर्व विधायक एवं दतिया राजपरिवार के संरक्षक घनश्याम सिंह के नाम पर मोहर लगा दी है। इस उपचुनाव में उनका मुकाब...और पढ़ें

By Kuldeep SaxenaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 11 Jul 2026 10:22:46 PM (IST)Updated Date: Sat, 11 Jul 2026 10:22:46 PM (IST)
18 साल बाद फिर दतिया के रण में घनश्याम सिंह, कांग्रेस ने पूर्व सांसद के बेटे को दिया टिकट, दिलचस्प हुआ मुकाबला
18 साल बाद फिर मैदान में घनश्याम सिंह।

HighLights

  1. बीजेपी की अंतर्कलह के बीच कांग्रेस ने चला बड़ा कार्ड
  2. कांग्रेस ने पूर्व सांसद के बेटे घनश्याम सिंह पर खेला दांव
  3. दतिया से दो बार विधायक रह चुके हैं घनश्याम सिंह

नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पूर्व विधायक एवं दतिया राजपरिवार के संरक्षक घनश्याम सिंह के नाम पर मोहर लगा दी है। इस उपचुनाव में उनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से होगा। 71 वर्षीय घनश्याम सिंह ने एमए तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके पिता महाराज कृष्णसिंह जूदेव वर्ष 1984 में भिंड-दतिया लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सांसद भी रहे थे। स्वयं घनश्याम सिंह दतिया विधानसभा क्षेत्र से दो बार और सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र से एक बार विधायक रह चुके हैं।

राजनीतिक सफर की शुरुआत और पहली जीत

घनश्याम सिंह ने वर्ष 1993 में कांग्रेस के टिकट पर अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता था। लेकिन 1998 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी से टिकट नहीं मिल सका था। इसके बाद वर्ष 2003 में कांग्रेस ने दोबारा उन पर भरोसा जताया। इस बार उन्होंने राजेंद्र भारती को हराकर विधानसभा में वापसी की।


नरोत्तम मिश्रा से हार और सेवढ़ा का रुख

लेकिन 2008 के चुनाव में उन्हें भाजपा के उम्मीदवार डा.नरोत्तम मिश्रा से पराजय का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सेवढ़ा विधानसभा का रुख किया और वहां से एक बार विधायक बने। दतिया के बाद कांग्रेस ने वर्ष 2013 में घनश्याम सिंह को सेवढ़ा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा। यहां वे भाजपा के प्रदीप अग्रवाल से करीब 1800 मतों के अंतर से हार गए।

यह भी पढ़ें- पुरानी रंजिश में पड़ोसी ने डेढ़ साल के मासूम को बोरी में भरा, दम घुटने पर रोया तो खुला राज, भीड़ ने दबोचकर जमकर धुना

सेवढ़ा में जीत-हार और 18 साल बाद दतिया वापसी

लेकिन वर्ष 2018 में उन्होंने भाजपा के राधेलाल बघेल को बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर उन्हें सेवढ़ा से प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार भाजपा के प्रदीप अग्रवाल से ही उनका मुकाबला हुआ। जिसमें वह पराजित हो गए। अब एक बार फिर 18 साल बाद घनश्याम सिंह दतिया से ही चुनाव मैदान में उतरे हैं।