
नईदुनिया न्यूज, बेहरी (देवास)। आंधी के कारण बागली-धावड़िया मुख्य मार्ग पर बड़ा पेड़ धराशायी हो गया था, इसके कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई है लेकिन जिम्मेदारी तय न होने से पेड़ हटाने का काम शुरू नहीं हो पाया। सोमवार को दोपहर बाद अचानक चली आंधी ने क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी का दौर भी चला। इससे ग्रामीणों में नाराजगी रही, समाचार लिखे जाने तक पेड़ गिरे को 26 घंटे से अधिक बीत चुके थे और मार्ग पर आवागमन शुरू नहीं हो सका था।
ग्रामीणों के अनुसार घटना दोपहर करीब तीन बजे की है। आंधी में चैनपुरा गांव के समीप धावड़िया गाड़ी स्थित मोड़ पर 100 साल से अधिक पुराना पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गया। पेड़ की मोटी डालियां और तने ने पूरी सड़क को जाम कर दिया। गनीमत रही कि उस समय कोई वाहन नहीं गुजर रहा था जिससे बड़ा हादसा टल गया।
इस मार्ग से बीड़गांव, बावड़ीखेड़ा, पांजरिया, खेड़ा, रामपुरा, गुवाड़ी और आसपास के 10 गांवों के लोग आते-जाते हैं। रोड बंद होने से अस्पताल, मंडी और इंदौर जाने वाले श्रमिकों के वाहन आवागमन करते हैं, जो पूर्णत: बंद है। पेड़ गिरने की सूचना मिलने पर प्रधानमंत्री सड़क के सब इंजीनियर संतोष मंसारे मौके पर पहुंचे थे, पेड़ अधिक मोटा होने से देखकर वापस लौट आए। बिजली के तार भी पेड़ के नीचे दब गए जिससे क्षेत्र की बिजली भी गुल रही।
जगदीश जिराती, संतोष चौहान, बाबूलाल, अजय चौहान, भगवान सिंह पटेल, प्रताप बछानिया, सरवन राठौर आदि ने बताया खेतों में स्थित ट्यूबवेल से पानी लाते हैं, अब रास्ता ही बंद है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य राम सिंह ओसारी ने बताया उक्त मार्ग पर 26 घंटे से कोई वाहन नहीं निकला। मरीज को अस्पताल ले जाना हो तो 15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस संबंध में कोई जवाबदार आगे नहीं आ रहा है। मामले को लेकर धावड़िया के पूर्व सरपंच तेज सिंह ओसारी ने कहा प्रधानमंत्री सड़क के सब इंजीनियर मंसारे से बात की। उनके अनुसार अधिकारियों ने कहा पेड़ हटाना उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता। इसलिए स्थानीय स्तर पर सहयोग लेकर व्यवस्था करना होगी।
पेड़ काफी बड़ा और मोटा है, हमारे पास ऐसा कोई संसाधन नहीं है जिससे इसे तुरंत हटाया जा सके। लकड़ी काटने वाले लोगों से संपर्क किया है, एक-दो दिन का पेड़ हटाकर मार्ग पर आवागमन बहाल जो जाएगा। -संतोष मंसारे, सब इंजीनियर प्रधानमंत्री सड़क
हाटपीपल्या : क्षेत्र के ग्राम मानकुंड में आंधी चलने से गांव के शासकीय विद्यालय के सामने ईंट-कवेलू से बने तीन मकान गिर गए। जानकारी के अनुसार कैलाश पाटीदार, राधेश्याम पाटीदार, संजय पाटीदार के मकानों की दीवारें गिरने से पूरे मकान गिर गए। गनीमत रही कि किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई लेकिन परिवारों का नुकसान हो गया। स्वजन ने प्रशासन से मांग की है कि आवश्यक प्रक्रिया करके राहत राशि दिलवाई जाए।
सुंद्रेल-बिजवाड़ : इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग के नवीन फोरलेन का कार्य क्षेत्र में चल रहा है। इसके लिए बड़ी मात्रा में राखड़ डाली जा रही है। जब भी तेज हवा या आंधी चलती है तो वाहन चालकों, गांव में निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बिजवाड़ पंचायत के सरपंच संतोष धाकड़ ने बताया गांव में रोज हवा के साथ सफेद राखड़ घरों में घुस रही है, राखड़ उड़ने से गांव में अंधेरा छा जाता है। कुछ स्पष्ट रूप से नजर भी नहीं आता। राखड़ के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर हो रहा है। बिजवाड़ में स्थिति यह है कि गांव के कुछ दूरी पर ही रोड़ बन रहा है।
धाकड़ ने बताया मामले से विधायक आशीष शर्मा को भीअवगत करा दिया गया है। ग्राम हतनोरी, कालापाठा में भी यही स्थिति है। कालापाठा सरपंच सुनील सिंह बांवरा ने भी इस समस्या से अवगत कराया है। वहीं निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मनीष मीणा ने बताया जहां-जहां राखड़ उड़ने से परेशानी आ रही है वहां पानी का छिड़काव करवा देंगे।
कमलापुर-सुंद्रेल : प्री मानसून एक्टिविटी का असर मंगलवार शाम को कमलापुर व सुंद्रेल क्षेत्र में देखने को मिला। तेज हवा के साथ वर्षा का दौर चला। कमलापुर क्षेत्र में करीब एक घंटे तक तेज वर्षा हुई। वहीं सुंद्रेल-बिजवाड़ क्षेत्र में शाम साढ़े छह बजे से तेज हवा के साथ वर्षा हुई।