
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। ग्राम होशियारी व मकोड़िया के बीच बनाए जा रहे सिरोंज बैराज कम काजवे की विंग वॉल बहने के बाद कार्रवाई हुई है। पहले तो यही कहा जाता रहा कि अभी काम बाकी है, सुधार करवाएंगे। जब सवाल उठे तो जल संसाधन विभाग की एसडीओ नेहा दुबे सहित दो सब इंजीनियरों जितेंद्र पाटिल व रोहित सोनी को निलंबित किया गया।
हालांकि, बड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं जिन्होंने निरीक्षण की जरुरत नहीं समझी। सूत्रों के मुताबिक जनप्रतिनिधियों के साथ चलने वाली नीति के कारण ही कई मामलों में अधिकारी पर्दा डालते हैं, जिसका नतीजा विंगवाल बहने के रूप में सामने आता है।
बता दें कि 9 जुलाई को घटना हुई थी। निर्माधाणीन स्टापडेम सह पुलिया (सिरोंज बैराज कम काजवे) की विंगवाल पानी के तेज बहाव के कारण टूट गई थी। इसके अंदर का मटेरियल बह गया था। घटना के बाद जिम्मेदारों ने यही कहा कि अभी तो काम चल ही रहा था। काम पूरा होने तक की जिम्मेदारी ठेकेदार की है।
लोगों ने कहा था कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शुरू से ही सवाल उठ रहे थे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। घटना के बाद खुद को सही साबित करने की कोशिशें की जा रहीं, लेकिन जिम्मेदारी कोई नहीं स्वीकार रहा। कांग्रेस ने आरोप लगाए थे।
पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा सहित कांग्रेस नेताओं ने घटनास्थल पहुंचकर स्थिति देखी। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। विधायक मनोज चौधरी को भी घेरा। इंटरनेट मीडिया पर भी यह मामला प्रसारित हुआ और लोग भ्रष्टाचार की बातें करते नजर आए। बाद में यहां मुरम डलवाकर दोबारा काम शुरू करवाया गया, लेकिन सवाल उठे कि जब काम हो रहा था तब किसी ने सुध क्यों नहीं ली।
मामला बढ़ने पर जल संसाधन मंत्री सिलावट ने जांच की बात कही। कहा कि बैराज क्षेत्र में हुए मिट्टी कटाव के मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों को जांच के निर्देश देकर कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जांच में जो दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद चीफ इंजीनियर ने जांच की। जांच में तीन अहम कमियां निकली, जिनके आधार पर कार्रवाई की गई। जल संसाधन विभाग देवास उपसंभाग की एसडीओ नेहा दुबे, उपयंत्री जितेंद्र पाटिल और उपयंत्री रोहित सोनी को निलंबित कर नर्मदापुरम अटैच किया गया है।
बैराज कम काजवे का निर्माण के लिए 2.18 करोड़ का अनुबंध निर्माण एजेंसी मेसर्स कटारे एंड कंपनी (जेवी) ग्वालियर के साथ किया गया है। कंपनी द्वारा वर्षा पूर्व लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया गया है। शेष कार्य वर्षा के बाद किया जाना है।