
नईदुनिया न्यूज, कमलापुर (देवास)। कक्षा बारहवीं की परीक्षा देने के बाद मुख्य परिणाम में एक छात्रा को अंग्रेजी विषय थ्योरी में 80 में से मात्र तीन अंक मिले थे। छात्रा ने रिचेकिंग के लिए आवेदन किया, दाेबारा परिणाम आया तो 60 अंक बढ़ गए और 80 में से 63 अंक प्राप्त हो गए। इस तरह की लापरवाही उजागर होने के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
क्षेत्र के ग्राम डिगोद की निवासी पलक चौहान कमलापुर के निजी स्कूल में पढ़ाई करती थी। पलक ने पूरे वर्ष भर कड़ी मेहनत कर परीक्षा दी थी और उसे विश्वास था कि सभी विषयों में अच्छे अंक आएंगे लेकिन जब परिक्षा परिणाम घोषित हुआ तो अंग्रेजी विषय में उसे 80 में से तीन अंक ही मिले।
इतने कम अंक देखकर छात्रा और उसके परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। पलक ने हार नहीं मानी और रिचेकिंग के लिए आवेदन किया। इसके बाद लोगों ने कहा पता नहीं ऐसा ही कितने विद्यार्थियों के साथ हुआ होगा, मूल्यांकन कार्य गंभीरता से होना चाहिए किसी विद्यार्थी का भविष्य खराब न हो।
यदि पलक रिचेकिंग का आवेदन नहीं करती तो उसे पता ही नहीं चल पाता कि उसके साथ कितनी बड़ी लापरवाही की गई है। श्याम सिंह राजपूत, लाखन सिंह राजपूत आदि ने जब माशिमं व शिक्षा विभाग ही विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति जिम्मेदार नहीं रहेगा तो बच्चों का भविष्य सुरक्षित कैसे रहेगा।
उन्होंने परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पलक के परिवार में उसके पिता की दो संतानें थी एक बेटा और एक बेटी। वर्ष 2008 में पलक के पिता का निधन हो गया था, इसके बाद पलक और उसके भाई के सहारे उसकी मां थीं लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वर्ष 2018 में पलक के भाई की अपने मामा के यहां पानी में डूबने से मृत्यु हो गई। उसकी असमय मृत्यु से परिवार गहरे सदमे में था लेकिन पलक की मां ने कठिन परिस्थितियों में मेहनत और संघर्ष करके अपनी बेटी पलक की पढ़ाई जारी रखी।
मूल्यांकन प्रक्रिया के जानकारों के अनुसार इस तरह के मामले मानवीय त्रुटि के कारण होने की आशंका अधिक रहती है। मूल्यांकन के दौरान मूल्यांकनकर्ता, क्रास चेक करने में उप मुख्य परीक्षक या फिर कंप्यूटर में अंक दर्ज करने वाले में से किसी की भी गलती हो सकती है। पूर्व में भी काफी अंक बढ़ने के मामले सामने आए हैं।
रिचेकिंग में छात्रा के 60 अंक बढ़ने संंबंधी मामला संज्ञान में नहीं है, हो सकता है मानवीय त्रुटि के चलते पूर्व में कम अंक मिले हों। यदि किसी विद्यार्थी को ऐसा लगता है कि उसे मुख्य परीक्षा में कम अंक मिले हैं तो रिचेकिंग के लिए आवेदन करना चाहिए। -अजयकुमार मिश्र, डीईओ देवास