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नेमावर में नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 फीट नीचे, हरियाली अमावस्या स्नान पर लगा प्रतिबंध

नेमावर में नर्मदा का जलस्तर 885 फीट पहुंचते ही निचली बस्तियों में पानी भरने लगता है। वर्तमान में बाढ़ आने जैसी स्थिति नहीं है लेकिन सतर्कता के लिए निच...और पढ़ें

By satyendra singh rathoreEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 11 Aug 2026 07:20:50 PM (IST)Updated Date: Tue, 11 Aug 2026 07:25:57 PM (IST)
नेमावर में नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 फीट नीचे, हरियाली अमावस्या स्नान पर लगा प्रतिबंध
नेमावर में नर्मदा का जल स्‍तर।

HighLights

  1. खातेगांव एसडीएम ने जारी किए आदेश।
  2. क्षेत्र के अन्य घाटों पर स्नान पर लगी रोक।
  3. मंगलवार शाम तक आधे से अधिक डूबे।

नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। नर्मदा नदी के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के चलते नेमावर में नर्मदा का जल स्तर बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान 885 फीट से करीब 10 फीट नीचे 875 फीट के आसपास चल रहा है।

उधर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने किसी प्रकार की अप्रिय घटना की स्थिति बनने से रोकने के लिए हरियाली अमावस्या पर बुधवार को नर्मदा के घाटों पर स्नान प्रतिबंधित कर दिया है।

इस संबंध में खातेगांव के एसडीएम राजेंद्र पंवार ने आदेश जारी किए हैं। इसके अनुसार नेमावर सहित खातेगांव, हरणगांव क्षेत्र के सभी तटों पर स्नान पर रोक लगाई गई है।

नेमावर में नर्मदा का जलस्तर 885 फीट पहुंचते ही निचली बस्तियों में पानी भरने लगता है। वर्तमान में बाढ़ आने जैसी स्थिति नहीं है लेकिन सतर्कता के लिए निचली बस्तियों में रहवासियों को सावधानी रखने की सलाह प्रशासन व नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा दी जा रही है।


नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद स्नान वाले नागर घाट एवं सिद्धनाथ घाट मंगलवार शाम तक की स्थिति में आधे से अधिक डूब चुके हैं।

अमावस्या पर स्नान के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु एक दिन पहले मंगलवार को ही नेमावर पहुंच गए हैं। इनमें से अधिकांश श्रद्धालु ऐसे हैं जो कई किमी दूर से पैदल यात्रा करेक आए हैं।

क्षेत्र में दो दिनों से वर्षा का दौर रुक-रुककर चल रहा है, हालांकि रिमझिम वर्षा होने से स्थानीय स्तर से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। नर्मदा की क्षेत्रीय सहायक नदियों का जलस्तर भी सामान्य बना हुआ है।