नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। एबी रोड ओर जबरेश्वर महादेव मंदिर से माता टेकरी जाने वाले मार्ग पर बने कुमार गंधर्व द्वार से शनिवार सुबह पत्थर टूटकर नीचे गिरे। घटना में एक व्यक्ति के पैर में चोट आई। घटना के समय द्वार के पास कुछ लोग चाय पी रहे थे और श्रद्धालुओं की आवाजाही भी जारी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्थरों के टुकड़े ठीक द्वार के नीचे गिरे। हालांकि उस समय वहां अधिक भीड़ नहीं थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता टेकरी के दर्शन के लिए आते-जाते हैं। घटना के कारणों का पता नही चल सका। सम्भवतः गेट पर लगे पत्थरों का जुड़ाव सही नही होने से घटना हुई। उक्त गेट करीब 3 साल पहले बनाया गया था। नगर निगम प्रशासन ने जांच की बात कही है।
माता टेकरी की व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारों का उदासीन रवैया, सुधार की उठ रही मांग
माता टेकरी की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पा रहा। उपेक्षा के कारण जो जरूरी विकास कार्य होने थे, वे भी नहीं हो सके। जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों ने अपनी मांग मां चामुंडा देवस्थान प्रबंध समिति तक पहुंचाई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
कांग्रेस नेता व प्रतिदिन दर्शन के लिए टेकरी जाने वाले सुधीर शर्मा ने बताया कि शंख द्वारा के नीचे लाखों रुपये की लागत से बड़ा प्रवचन हाल के नाम से भवन बनाया गया है, जो पूरी तरह से उपयोगहीन साबित हुआ है। यहां तक कि नए अधिकारी भी उसे देखकर आश्चर्यचकित होते हैं कि यह कैसे और किसलिए बनाया गया है। इसी तरह बड़े जोर शोर से कहा गया था कि माता टेकरी स्थित पाथवे पर एक देवी लोक का निर्माण किया जाएगा।
सरकार द्वारा देवी लोक निर्माण की राशि का आवंटन भी कर दिया गया है लेकिन आज तक उस दिशा में कोई काम नहीं हुआ। पाथवे का जो निर्माण किया गया है वह भी दुर्दशा का शिकार हो रहा है। शर्मा ने मांग की है कि जो शंख द्वारा के समीप प्रवचन हाल बनाया गया है। उसे एक धर्मशाला के रूप में परिवर्तित कर दिया जाए, जिससे दर्शनार्थी वहां ठहर सके। इसी के साथ ही बड़ी माता (तुलजा भवानी माता) की ओर जाने वाले मार्ग पर शेड बनाया गया है, उसी तरह का शेड चामुंडा माता मंदिर की ओर जाने आने वाले मार्ग पर भी बनाया जाए।
चामुंडा माता मंदिर के सामने जो जगह खाली है, वहां भी एक शेड का निर्माण किया जाए जिससे वर्षा में दर्शनार्थी वहां रुक सके। देवी लोक का निर्माण भी सिंहस्थ के पूर्व किया जाना चाहिए ताकि सिंहस्थ में आने वाले हजारों दर्शनार्थियों को इसका लाभ भी मिल सके।
रखरखाव पर दिया जाए ध्यान
पाथवे के रखरखाव की ओर ध्यान देकर इसे भी शीघ्र ठीक किया जाए। जो कुर्सियां टूटी हैं, उनकी जगह नई कुर्सियां स्थापित कर जहां पेपर ब्लाक उखड़ गए हैं, उन्हें नए लगाए जाएं। चामुंडा माता मंदिर से उतरने के लिए जो सीढ़ियां बनी है, उसके बीच में रेलिंग लगाई गई थी। उसे हटाने के कारण वर्षा में पैर फिसल रहे।
चामुंडा माता मंदिर के सामने एक अस्थायी शेड बनाया जाए, जैसा कि दुकानों पर होता है जिसे जरूरत पड़ने पर खोल सकते हैं अथवा बंद कर सकते हैं। इससे बाहर रखी दानपेटियों में पानी नहीं जाएगा। तुलजा भवानी माता एवं चामुंडा माता परिसर में जहां पर भी मार्बल लगा है, वहां पर लाल मेंटिंग बिछाई जाए। तुलजा भवानी माता मंदिर पर जाने वाले मार्ग पर शेड बनाया गया है, लेकिन उतरने वाले मार्ग पर शेड नहीं बनाया गया है वहां पर भी शेड बनाया जाए।